ये क्या! SALARY बढ़वाने को सरकार ने रात में खुलवाया राजभवन

विधेयक के इंतजार में देर रात जागता रहा विधानसभा सचिवालय
2 min read
• •
Updated: 1 Apr 2016, 10:50 AM IST
Sarkar ki Jay ho
Sarkar ki Jay ho
भोपाल.
सरकारी दफ्तरों में काम-काज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है, लेकिन मंत्रियों, विधायकों के वेतनभत्तों की फाइल बुधवार और गुरुवार को हाथों हाथ चली। इसके लिए मंत्रालय, विधानसभा और राजभवन देर रात तक जागता रहा। देर शाम राजभवन खुलवाया गया, अफसर भी बुलाए गए, राज्यपाल ने भी रात में ही साइन किए। सभी औपचारिकताएं रात 12 बजे तक पूरी हुईं। बुधवार को कैबिनेट बैठक में वेतनभत्ते बढ़ाए जाने का प्रस्ताव आया, कैबिनेट ने इसे तीन मिनट में ओके कर दिया।

कैबिनेट की मोहर लगने के साथ ही मंत्रालय में सक्रियता बढ़ गई। इसका प्रमुख कारण वेतन भत्ते संबंधी विधेयक को इसी बजट सत्र में पास करवाना था। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग, संसदीय कार्य विभाग और विधि विभाग देर तक माथापच्ची करते रहे। तैयार प्रस्ताव को विधि विभाग भेजा गया। विभाग की राय के मुताबिक शाब्दिक संशोधन किए गए। विधानसभा सचिवालय ने भाषा और कुछ शब्दों में संशोधन बताते हुए फाइल लौटा दी। देर शाम तक यह फाइल हाथों हाथ रही।

घर से बुलाए गए राजभवन के अफसर
रात में राज्यपाल को पूरी स्थिति से अवगत कराया। राज्यपाल के प्रमुख सचिव अजय तिर्की ने विधि विभाग के अफसरों से विधेयक की बारीकियां समझीं। राज्यपाल ने देर रात इसे ओके कर दिया। रात 11 बजे विधेयक को विधानसभा सचिवालय भेजा गया।

कार्यसूची में बदलाव
गुरुवार को जारी हुई विधानसभा की कार्यसूची में वेतनभत्ते बढ़ाए जाने संबंधी विधेयक का कहीं जिक्र नहीं था, क्योंकि सरकार इसे समय से पेश ही नहीं कर पाई। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद दोपहर में संशोधित कार्यसूची जारी की गई, जिसमें इसे शामिल किया गया।

प्रत्याशियों की ताकत और कमजोरी
सभी औपचारिकाएं पूरी होने के बाद विधेयक को सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह के पास भेजा गया। करीब 6 बजे फाइल पर मंत्री ने साइन किए। शाम 7 बजे मुख्यमंत्री के पास यह फाइल पहुंची, सीएम के साइन होने के बाद फाइल राजभवन भेज गई।

मत बढ़ाओ वेतन, मिला तो तीन गुना बांट दूंगा
गुुरुवार को जब विधानसभा में वेतन-भत्ते बढ़ाने का विधेयक पेश हुआ तो एकमात्र निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने विरोध में हाथ उठाया। पत्रिका से बातचीत में राय ने कहा कि वेतन बढ़ाने की बात करना ही गलत है। वर्तमान में अपने वेतन का 75 प्रतिशत जनता के बीच बांटता हूं। अब यदि बढ़ा हुआ वेतन मिला तो उसे लौटाने से जनता को कोई फायदा नहीं। इसलिए जनता में तीन गुना करके बाटूंगा। अध्यक्ष को पत्र भी लिखूंगा कि वेतन नहीं बढ़ाया जाए।
Published on:
Also Read
View All
राजस्थान पंचायत चुनाव में बड़ा उलटफेर: पूर्व सांसद की पुत्रवधू और पूर्व MLA की पत्नी हारीं, हेल्थ अफसर की जीत ने चौंकाया

Congress Rally: ’12 साल बाद भी 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं, महारैली पर ही याद आया सिखों का अपमान’, राजा वड़िंग ने बीजेपी पर साधा निशाना

भरतपुर के पूर्व विधायक की बेटी का 2 राज्यों की वोटर लिस्ट में नाम! पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सबूतों के साथ की कार्रवाई की मांग

दिवाली, छठ, देव दीपावली और क्रिकेट-हॉकी के मुकाबले, नवंबर में कई आयोजनों से गुलजार रहेगा छत्तीसगढ़

‘रामायण’ को मिल रही आलोचनाओं के बीच सौरभ सचदेवा ने कही बड़ी बात, बोले- ‘फिल्म सही तरीके से बनी है’