
राजगढ़. जिला चिकित्सालय में संचालित हो रहे एसएनसीयू वार्ड की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। तब से आज तक एसएनसीयू बार्ड में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन की पाइप लाइन में कोई सुधार नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार का मेंटनेंस किया गया।
मेंटनेंस को लंबा समय हो जाने से पिछले दिनों जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू वार्ड की टीम के साथ मीटिंग हुई थी। मीटिंग के बाद उसमें सुधार को लेकर डिमांड भेजी गई थी, इसमें न सिर्फ ऑक्सीजन की पाइप लाइन का मेंटनेंस और विस्तार शामिल था। बल्कि वार्ड में अन्य सुविधाओं को लेकर भी बजट की मांग शामिल थी। लेकिन 20 लाख की डिमांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और किसी प्रकार की कोई समस्या न आए उस हिसाब से एसएनसीयू वार्ड के मेंटनेंस को लेकर 20 लाख का आवंटन कर दिया।
यह आवंटन जिला चिकित्सालय में पहुंचने के बाद एसएनसीयू वार्ड के मेंटेनेंस से जुड़ा यह बजट ऑक्सीजन सिलेंडर के ठेकेदार को भुगतान कर खत्म कर दिया। इसमें 12 लाख इस साल के और करीब चार लाख रुपए पिछले साल का बकाया बताते हुए इस राशि का भुगतान ऑक्सीजन सिलेंडर के बचे हुए भुगतान में शामिल कर दिया। ऐसे में एक बार फिर एसएनसीयू वार्ड के मेंटनेंस को लेकर इंतजार करना पड़ सकता है।
कमेटी को पता ही नहीं और बदल दिया काम
एसएनसीयू वार्ड में होने वाले कार्यों में सिविल सर्जन अध्यक्ष और सचिव के रूप में वार्ड प्रभारी, एक चिकित्सक और एक सदस्य शामिल होता है। लेकिन इस मामले में वार्ड प्रभारी सहित अन्य सदस्यों को कोई जानकारी नहीं है कि आखिर क्यों मेंटनेंस की जगह यह भुगतान ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर करते हुए काम ही बदल डाला, इसमें किसका क्या स्वार्थ रहा यह तो जांच के बाद ही पता पड़ेगा। लेकिन जिम्मेदारों की इस तरह की भूमिका ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए।
कभी भी हो सकती है अनहोनी
एसएनसीयू बार्ड में लगी पाइपलाइन को लंबा समय हो चुका है, इस वार्ड में प्रतिदिन 20 से अधिक बच्चे भर्ती रहते हैं। कई बार निर्धारित बेड की संख्या से 2 से ढाई गुना तक बच्चे यहां भर्ती होते हैं। इसके कारण ऑक्सीजन की पाइप लाइन में सुधार जरूरी है, लेकिन जिम्मेदार इस तरफ कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इस डिमांड पर आया था बजट
एसी, ऑनलाइन स्टेबलाइजर, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन रिपेयर एवं ऑक्सीजन कंसेंस्ट्रेटर, रेडियम ,ऑफिस चेयर आदि शामिल थे। लेकिन इनमें से कोई भी सामान या सुधार वार्ड में नहीं हुआ ।