Avimukteshwaranand - प्रयागराज में शंकराचार्य को गंगास्नान से रोकने के विवाद में एमपी कांग्रेस भी कूदी
Avimukteshwaranand - प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को गंगास्नान से रोकने के विवाद में एमपी कांग्रेस भी कूद पड़ी है। कांग्रेस ने शंकराचार्य का समर्थन किया है। उनके पक्ष में रोशनपुरा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपवास रखते हुए धरना दिया। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस मामले में केंद्र सरकार और यूपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हजारों साल में किसी ने शंकराचार्य से कभी कोई प्रमाण पत्र नहीं मांगा लेकिन बीजेपी ऐसा कर रही है। कांग्रेस ने सरकार पर सनातन परंपराओं, साधु-संतों और धार्मिक आस्थाओं पर हमले का आरोप लगाया।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के अपमान को कांग्रेस ने साधु-संतों पर दमनात्मक कार्रवाई बताया। इसके विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ता पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में रोशनपुरा चौराहे पर धरने पर बैठे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी धरने में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने शंकराचार्य पर सरकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
धरने में काशी के मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थलों को तोड़े जाने का भी विरोध किया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सनातन परंपरा में जगतगुरु शंकराचार्य की मान्यता स्वतः सिद्ध रही है लेकिन बीजेपी सरकार उनसे प्रमाण पत्र मांग रही है। उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने को सनातन परंपराओं के विरुद्ध करार दिया। पटवारी ने कहा कि हिंदू हितों की बात करने वाली बीजेपी ने ऐसा किया है। यह मुद्दा किसी राजनीतिक विचारधारा का नहीं बल्कि देश की अस्मिता और सम्मान से जुड़ा है।
धरना में बीजेपी पर धर्म का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अब जनता के सामने ये बेनकाब होंगे।