Pension- ई-केवायसी अटकी होने से लाखों लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित, भोपाल जिले में ही ऐसे 10 हजार पेंशनर्स हैं जिन्हें राशि नहीं मिल पा रही है
Pension- मध्यप्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों की ई-केवाइसी की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ये स्पष्ट कर चुकी है कि ई केवाइसी अनिवार्य है। जिन लोगों की ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, उनकी पेंशन अटक गई है। ऐसे में हितग्राहियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ई केवाइसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई कवायदें की गई हैं। ऐसे हितग्राही जिनके बायोमेट्रिक प्रक्रिया में फिंगर प्रिंट नहीं आ पा रहे हैं उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन कराया जा रहा है। चलने में असमर्थ हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद ई-केवायसी अटकी होने से लाखों लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हो गए हैं। भोपाल जिले में ही ऐसे 10 हजार पेंशनर्स हैं जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेशभर के स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत, महिला बाल विकास विभाग, राजस्व तथा ब्लॉक ई-गर्वनेंस टीम के संयुक्तदल ई केवाइसी के काम में लगे हैं। ऐसे पेंशन हितग्राही जो रोजगार की तलाश में पलायन कर चुके हैं, उनके बारे में ग्राम पंचायत सचिव अथवा वार्ड प्रभारी से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जा रही है।
जिन हितग्राहियों के आधार कार्ड पर प्रदेश के बाहर के पते दर्ज हैं उनकी पेंशन होल्ड की जा रही है। जिन लोगों के आधार कार्ड उपलब्ध नहीं थे उनके कार्ड बनवाने की व्यवस्था कर ई-केवाइसी कराई जा रही है। किसी हितग्राही की दो समग्र आईडी जरनेट हो गई हैं उनका एक समग्र आईडी डिलीट कराया जा रहा है।
पेंशन हितग्राहियों के बैंक ओर पोस्ट ऑफिस में ट्रान्जेक्शन अथवा मोबाइल नम्बर से सम्पर्क किया जा रहा है। सम्पर्क नहीं होने पर ऐसे हितग्राहियों को पलायन कर्ता घोषित कर पेंशन होल्ड करने का प्रावधान है। सरकार का यह भी कहना है कि ई-केवाइसी होने पर उनकी पेंशन एरियर सहित जारी कर दी जाएगी।
भोपाल जिले में दस हजार हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अटक गई है। प्रशासन इनकी ई-केवायसी नहीं करवा पाया। पेंशन प्रकरण की बढ़ती पेंडेंसी से कलेक्टर भी नाराज हुए। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने संबंधित विभागों पर नाराजगी जताई। समय पर पेंशन का भुगतान करने के निर्देश दिए।
जिले में 12 तरह की पेंशन के 32 हजार हितग्राही है। जनवरी 2025 में सामाजिक न्याय विभाग ने कलेक्टर्स को लिखित में निर्देश दिए थे कि हितग्राहियों का अनिवार्य तौर पर ई-केवायसी कराएं। मई 2026 तक ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। ऐसे में हितग्राहियों की पेंशन अटक गई। 600 रुपए से 800 रुपए की मदद मिलने में भी दिक्कत आ गई है।
पैसे नहीं मिलने से परेशान पेंशनर्स सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इससे नाराज होकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अगले पंद्रह दिन में सभी प्रकरणों का निपटान कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन सुनिश्चित कराने का कहा है।