
Nana Patekar : क्रांतिवीर नाना पाटेकर की अब यादें ही शेष हैं। उनकी मौत से जहां परिजन गमगीन हैं वहीं प्रशंसक भी मायूस हैं। नाना पाटेकर के जाने के बाद फिल्मों में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। जहां लोग उनकी शानदार अदाकारी की चर्चा कर रहे हैं वहीं समाजसेवा के कार्यों की मिसाल भी दी जा रही है। नाना पाटेकर व्यक्तिगत रूप से न केवल खुद सीधा सादा जीवन जीते थे बल्कि अपने परिजनों को इसके लिए प्रेरित किया करते थे। वे प्रकाश झा की फिल्म राजनीति की शूटिंग करने भोपाल आए थे। तब नाना पाटेकर यहां अनेक दिन रहे। शुक्रवार को भी शहर में उनके अनेक किस्से कहे सुनाए जा रहे हैं। नाना पाटेकर ने एक बार अपने बेटे मल्हार को अपने एक दोस्त के चरणों में झुकने को कहा। उन्होंने भी बिना कुछ सवाल उठाए अपने पिता के आदेश का पालन किया।
भारतीय सिनेमा में जिन अभिनेताओं को सहज अदाकारी के लिए जाना जाता है उनमें नाना पाटेकर का नाम हमेशा अग्रणी रहेगा। फिल्मी पर्दे पर उनकी डायलॉग डिलीवरी की बात ही कुछ और थी। भोपाल के अनेक अभिनेताओं और रंगकर्मियों ने नाना पाटेकर के साथ काम किया था। उन्होंने नाना से जुड़े अनेक वाक्या साझा किए।
फिल्म वजूद में नाना पाटेकर के सह अभिनेता राजीव वर्मा ने बताया कि वे हर किसी की खुलकर मदद करते थे। अभिनेता कमल जैन ने फिल्म राजनीति का किस्सा बताया कि नाना ने कैसे डायलॉग की एक गफलत ठीक कर दी।
भोपाल के आमलोग भी नाना पाटेकर की सादगी के दीवाने हैं। लोग उस वाक्ये की मिसाल के तौर पर चर्चा कर रहे हैं जब उन्होंने अपने बेटे मल्हार को भी सीधा, सरल बनने के लिए पिता के रूप में सार्वजनिक रूप से प्रेरित किया। भोपाल में एक शख्स से नाना पाटेकर की खूब गहरी छनने लगी थी। दोनों में घनिष्ठता हो गई। उसी दौरान एक बार जब मल्हार पाटेकर आए तो नाना ने उनको अपने दोस्त के चरणों में झुककर आशीर्वाद लेने को कहा। बेटे ने पिता की आज्ञा का अक्षरश: पालन किया।
बता दें कि नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने प्रोडक्शन के काम में पिता का काफी हाथ बंटाया था। वे फिल्मों से ही जुड़े हैं। नाना पाटेकर की पत्नी का नाम नीलकांति है। मल्हार से पहले पाटेकर दंपत्ति का एक और बेटा था लेकिन बहुत कम उम्र में ही उसकी मौत हो गई थी। अपने मासूम बेटे को खो देने के बाद नाना पाटेकर कई दिनों तक गहरे शोक में रहे थे।