MP News: अब केवल जर्नल पेपर नहीं, बल्कि पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को भी समान महत्व मिलेगा, जिससे शोध सीधे उद्योग और रोजगार से जुड़ेगा।
MP News:भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) ने शोध व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब संस्थान ने तय किया है कि पीएचडी शोध के परिणामों को केवल जर्नल में प्रकाशित पेपर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को भी समान महत्व दिया जाएगा। यानी उनकी बनाई तकनीक उद्योगों तक पहुंचती है, तो उसे भी उतना ही महत्व मिलेगा। यह निर्णय मैनिट की सीनेट बैठक में लिया गया।
इतना ही नहीं अगर किसी पीएचडी छात्र (PhD students) का शोध काम तय समय से पहले पूरा हो जाता है और उसकी प्रगति अच्छी रहती है, तो वह तीन साल से पहले भी अपनी थीसिस जमा कर सकेगा। इससे मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों को फायदा मिलेगा। संस्थान के निदेशक प्रो. केके शुक्ला ने बताया, यह बदलाव शोध को ज्यादा उपयोगी और रोजगार से जोडने वाला है। अब पीएचडी का मतलब सिर्फ कागज पर लेख लिखना नहीं, बल्कि कुछ नया बनाकर दिखाना होगा।
डीन डॉ. शैलेंद्र जैन ने बताया कि पीएचडी और एमटेक के शोध विषय देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किए जाएंगे। ऊर्जा, तकनीक, निर्माण, डिजिटल व्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्रों का काम केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसका उपयोग भी होगा।