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इस वजह से हेमंत कटारे ने दिया अपने पद से इस्तीफा, ये नेता है कारण!

Hemant Katare resignation: मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के इस्तीफा के पीछे का कारण सामने आया है।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 22, 2026

reason behind Deputy LoP Hemant Katare resignation row bhopal mp news

reason behind Deputy LoP Hemant Katare resignation (फोटो- Patrika.com)

MP News:एमपी कांग्रेस में सुपीरियरिटी कॉम्पलेक्स खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसका ताजा उदाहरण विधायक हेमंत कटारे के उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे (Hemant Katare Resignation) के रूप में सामने आया है। इसके पहले मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भी इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उन्हें प्रदेशाध्यक्ष ने मना लिया। अब कटारे को भी मनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कटारे ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से विधानसभा हुई बहस के बाद इस्तीफा दिया है।

इस कारण दिया हो सकता है इस्तीफा

सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को इंदौर के भागीरथपुरा मामले में कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाई थी। अध्यक्ष ने विधायकों के नाम मांगे। सिंघार की अनुपस्थिति में कटारे ने विधायकों के नाम की सूची दे दी। थोड़ी देर बाद जब सिंघार आए और उन्होंने सूची को काट दिया और कटारे को डपटा। इससे उन्होंने अपमानित महसूस किया और वे लंच के बाद विधानसभा से चले गए और इस्तीफा भेज दिया। बता दें, कटारे ने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों एवं समय की कमी का उल्लेख किया था।

अटकलों पर विराम

कटारे के इस्तीफे के बाद उनके भाजपा जॉइन करने की अटकलें भी लगाई जा रही थीं। लेकिन उन्होंने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर इस पर विराम लगा दिया है। उन्होंने लिखा -कांग्रेस मेरे पिताजी की विरासत है। संगठन महासचिव डॉ संजय कामले ने बताया हेमंत कटारे ने केवल उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया है, न कि पार्टी की सदस्यता से।

ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं- कटारे

हेमंत कटारे ने सोशल मीडिया पर लिखा- 'कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है और हां मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम कयास ना लगाएं। शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है। कभी-कभी नेता भी इंसान होता है। अब जरा ध्यान से सुन लो भाजपाइयों, ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है। सोमवार से सदन में पूरी तैयारी पूरे दस्तावेज और पूरी ताकत के साथ उपस्थित रहूंगा और हमेशा की तरह आपको धोने का कार्य करूंगा।'

'चाहे मुद्दा गोमांस का हो, इंदौर के भागीरथपुरा का हो, शंकराचार्य जी के अपमान का हो, या जहरीली हवा-दवा-पानी और सरकार के भ्रष्टाचार का हो, हर विषय पर तर्क, प्रमाण और जनता की आवाज के साथ आपके भ्रष्टाचार की परतें खोलूंगा. तैयारी मजबूत रखिएगा, क्योंकि मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं और वही विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।' (MP News)