- पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एलर्ट जारी करते हुए मुस्तैद रहने को कहा - सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश दिए - भड़काउ भाषण देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने को कहा - कांग्रेस ने घटना के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार के रवैये को जिम्मेदार ठहराया - भाजपा ने कांग्रेस पर दंगाइयों का साथ देने का आरोप लगाया
सीएए और एनआरसी को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा पर मध्यप्रदेश एलर्ट हुआ है। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एलर्ट जारी करते हुए मुस्तैद रहने को कहा है। इन दिनों अवकाश पर भी जाने पर रोक लगाई गई है। जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। भड़काउ पोस्ट करने वालों और भड़काउ भाषण देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया है।
दिल्ली में हुई आगजनी और उपद्रव की घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए हैं। कांग्रेस ने जहां इस घटना के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार के रवैये को जिम्मेदार ठहराया है तो वहीं भाजपा ने कांगे्रस पर दंगाइयों का साथ देने का आरोप लगा दिया है।
सोनिया बताएं कि दिल्ली की आगजनी में पेट्रोल कहां से आ रहा है-शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगने वाली सोनिया गांधी पहले 1984 के दंगों का जवाब दे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई आगजनी की घटना में पेट्रोल कहां से आया और किसने बांटा यह भी सोनिया गांधी को बताना चाहिए।
शर्मा ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में कहा, पूरा देश जानता है कि सीएए के खिलाफ लोगों को गुमराह करके भड़काया किसने है। किस पार्टी के नेता सीएए विरोधी हिंसा में शामिल लोगों के घर जाकर उनकी हौसला अफजाई का काम करते रहे हैं। अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने बयान से अपनी ही भड़काई आग में घी डालने का काम कर रही हैं।
उपद्रवियों को कांग्रेस का खुला समर्थन- शिवराज
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दिल्ली के उपद्रवियों को कांग्रेस का खुला समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के नेता कई बार दंगाइयों में जोश भरने का काम करते रहे हैं। कांग्रेस के ही नेताओं ने भारत की संसद द्वारा बनाए गए कानून के विरोध में उग्र प्रदर्शन करने वालों की मदद की है।
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दिल्ली और केंद्र सरकार की लापरवाही का नतीजा- सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली के उपद्रव के लिए वहां की राज्य सरकार और केंद्र सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। ङ्क्षसधिया ने कहा है कि दोनों सरकारों ने दिल्ली के बिगड़े हालात को काबू में लाने के लिए कार्रवाई करने में बहुत ज्यादा समय लगाया। सिंधिया ने कहा कि भाजपा नेताओं को नफरत की राजनीति करने से बाज आना चाहिए। इससे पहले की बहुत देर हो जाए, दोनों सरकारों को मिलकर तत्काल स्थिति को सामान्य करना चाहिए।
सड़क पर उतरकर करो शांति मार्च- दिग्विजय
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि देश में फैल रही नफरत की आग पर काबू पाने के लिए कांग्रेस और वे सारे लोग जो इस आग को बुझाना चाहते हैं आगे आएं और सड़कों पर उतर कर शांति मार्च करे। दिग्विजय ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह 24 घंटे में 3 बार बैठक कर चुके हैं लेकिन अभी तक दिल्ली के हालात नहीं सुधरे हैं।