भोपाल

एडीजी मिश्रा के पिता के मामले में पीएचक्यू ने भेजी रिपोर्ट, कहा केस कोर्ट में विचाराधीन है

आयोग-बोला 5 अप्रैल तक रिपोर्ट भेजें

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Mar 27, 2019
एडीजी मिश्रा के पिता के मामले में पीएचक्यू ने भेजी रिपोर्ट, कहा केस कोर्ट में विचाराधीन है

भोपाल. एडीजी आरके मिश्रा के पिता कुलामणि मिश्रा के मामले में मानव अधिकार आयोग में मंगलवार को भी डीजीपी ने जांच रिपोर्ट पेश नहीं की। पीएचक्यू ने अभियोजन अधिकारी से विधिक सलाह लेकर आयोग को एक पत्र भेजकर कहा है कि यह प्रकरण मप्र हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सुनवाई 29 मार्च को है। इधर, मंगलवार को मानव अधिकार आयोग दिनभर पीएचक्यू की रिपोर्ट का इंतजार करता रहा, लेकिन शाम लगभग पांच बजे आयोग को यह पत्र मिला। इसमें विधिक सलाह लेना बताते हुए प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित बताया। इसके बाद आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए डीजीपी को निर्देश दिया कि हाईकोर्ट ने अब तक मानव अधिकार आयोग को कुलामणि मिश्रा के मामले में कार्रवाई नहीं करने अथवा इस पर किसी भी तरह की सुनवाई करने पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है। इसलिए जिन बिंदुओं पर पूर्व में जांच करने के लिए निर्देश दिए गए थे, उन बिंदुओं पर जांच कर पांच अप्रैल तक रिपोर्ट आयोग में पेश की जाए।

ऐसे बढ़ते गई तारीख पर तारीख
एडीजी के पिता मृत हैं या जीवित इसका पता लगाने में शुरू से ही पुलिस मुख्यालय के अफसर असहाय नजर आ रहे हंै। यह तो तब है जब मृत या जीवित होने मात्र का पता लगाया जाना है। इस पर मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया तो आयोग को भी पुलिस अफसर सहयोग नहीं कर रहे है। मामले को लंबा खींचने के लिए अलग-अलग तरह की कागजी लिखा-पढ़ी की जा रही है। गौरतलब है कि 14 जनवरी को कुलामणि मिश्रा को एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित किया था, लेकिन इसके बाद से ही इसकी पुष्टि करने के लिए ऐसे बढ़ती गई तारीखें-

-सबसे पहले मानव अधिकार आयोग ने 18 फरवरी को डीजीपी इस मामले की रिपोर्ट पेश करने को कहा। लेकिन नियत समय पर रिपोर्ट नहीं भेजी। आयोग ने फिर 19 फरवरी तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
- बाद में आयोग ने 3 एलोपैथी व 3 होम्योपैथी डॉक्टरों की टीम गठित कर उनसे कुलामणि मिश्रा की जांच कर 23 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। लेकिन डीजीपी ने 26 फरवरी को आयोग से 7 दिन का समय मांगा। इस पर आयोग ने 11 मार्च तक का समय दे दिया।

- 11 मार्च को आयोग ने यह मामला सुनवाई में लिया। लेकिन डीजीपी ने रिपोर्ट पेश नहीं की। इस पर आयोग ने डीजीपी को फिर कहा कि हाईकोर्ट ने आयोग की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई और न ही स्थगन आदेश दिया गया है।

- आयोग ने पुराने बिंदुओं पर जांच कर 26 मार्च तक जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। लेकिन रिपोर्ट पेश करने के बजाय विधिक सलाह संबंधी पत्राचार किया गया।

अब आगे क्या-

एडीजी आरके मिश्रा एवं उनकी मां शशिमणि मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, जिसकी सुनवाई 29 मार्च को होनी है। पांच अप्रैल के पहले इस पर यदि कोर्ट ने आयोग की कार्रवाई रोकने का निर्णय दिया तो आयोग इस प्रकरण पर आगे की कार्रवाई रोक सकता है। यदि कोर्ट ने कोई भी निर्णय नहीं दिया तो आयोग न्यायालयीन अधिकारों का उपयोग कर मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए लिख सकता है।

एडीजी मिश्रा की तरफ से कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई 29 मार्च को होना है। डीडीपी की सलाह के आधार पर और दायर याचिका की सुनवाई के आधार पर पीएचक्यू ने मानव अधिकार आयोग को रिपोर्ट भेज दी है।
विपिन महेश्वरी, एडीजी शिकायत पीएचक्यू

Updated on:
27 Mar 2019 01:26 am
Published on:
27 Mar 2019 06:10 am
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