
भोपाल. अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले के मद्देनजर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भोपाल पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। पुलिस ने शहर में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाबरी विध्वंस (1992) से लेकर अब तक अन्य विवादों में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित करने वाले 250 से अधिक उन्मादी तत्वों की कुंडली तैयार कर ली है। 15 बिंदुओ पर पुलिस ने इनका डाटा तैयार कर नजर रखना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं पुलिस इन्हें समझाइश के साथ भड़काऊ भाषण, बयान नहीं देने की लगातार हिदायत दे रही है। पुलिस, प्रशासन की हिदायत पर गंभीरता नहीं बरतने वालों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक, बाउंड ओवर की कार्रवाई करने की भी तैयारी कर ली गई है। पुलिस की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय, इंटेलीजेंस भी नजर बनाए हुए है। इंटेलीजेंस से जुड़े अधिकारी ने बताया कि सूची में शामिल किए गए लोगों पर हर पल की निगाह रखी जा रही है।
27 साल की छोटी-बड़ी घटनाओं का डाटा खंगाला
पुलिस ने उन्मादी तत्वों की सूची तैयार करने 27 साल की उन छोटी-बड़ी घटनाओं डाटा खंगाला जिनकी वजह से तनाव की स्थिति निर्मित हुई है। उन घटनाओं में भड़काने का काम किस संगठन, व्यक्ति, जनप्रतिनिधि ने किया उनका भी डाटा तैयार किया गया है।
20-20 गैंग पर हर स्तर पर नजर
पुलिस ने 250 की सूची में 20-20 लोगों को अपनी विशेष सूची में शीर्ष पर रखा है। इनकी विशेष निगरानी की जा रही है। जिससे कि यह लोग किसी तरह की हरकत किसी माध्यम के जरिए नहीं कर सकें। इस सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया जो अपने निजी 'फायदेÓ के लिए हमेशा समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं।
सोशल मीडिया के 900 ग्रुप की मॉनिटरिंग
पुलिस ने सोशल मीडिया के ऐसे 900 ग्रुप चिह्नित किए हैं, जिनमें भड़काऊ, अफवाह की सूचना वायरल की जा सकती है। इन ग्रुपों की ऑनलाइन पेट्रोलिंग की जा रही है। मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने ऐसे कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिन्होंने भ्रामक सूचनाएं सोशल मीडिया में वायरल की थीं।
आबादी, स्थान के अनुसार सुरक्षा-व्यस्था
पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में बसी आबादी का भी सर्वे किया है। इसके अलावा उन स्थानों को भी चिह्नित किए हैं, जहां जरा में तनाव के हालात निर्मित हो जाते हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया है, जो शहर में अवैध हथियार उपलब्ध कराते हैं या की उपलब्ध कराने की कोशिश कर सकते हैं।