भोपाल

अटल के बाद भोपाल से दिल्ली तक गांधी पर सियासत

अटल के बाद गांधी पर सियासत150वीं जयंती के बहाने वोट जुगाडऩे की कवायद

2 min read
Aug 31, 2018
rahul gandhi road show starts in bhopal
rahul gandhi road show starts in bhopal

भोपाल. राजनीतिक पार्टियां महात्मा गांधी के नाम पर वोट की सियासत करने लगी हैं। भाजपा को गांधी दर्शन याद आने लगा है। वहीं, कांग्रेस गांधी के पद चिन्हों को ढूंढ रही है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं, इसलिए गांधी की 150वीं जयंती पर अलग रंग दिखाई देगा। ये रंग लोकसभा चुनाव 2019 तक जस का तस दिखाई देगा। भाजपा गांधी दर्शन को घर-घर पहुंचाने जा रही है।

26 जनवरी को निकलने वाली झांकियों का फ्लेवर भी गांधी दर्शन से ही ओत-प्रोत होगा। केंद्र सरकार से इसके निर्देश प्रदेश सरकार को मिल चुके हैं। दूसरी ओर कांग्रेस को डर है कि भाजपा गांधी के नाम पर वोट की फसल न काट ले, इसलिए कांग्रेस ने बापू के सपनों का प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। कांग्रेस नेता उन सभी घरों में भी जा रहे हैं, जहां गांधी ने प्रदेश यात्रा के दौरान विश्राम किया था।


- भाजपा का गांधी पर मेगा इवेंट
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन को इवेंट की तरह प्रस्तुत करने का आरोप झेल चुकी भाजपा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मेगा इवेंट के तौर पर मनाएगी। चुनाव के पहले प्रदेश में गांधी दर्शन को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश की गांधी दर्शन कराने वाली झांकी दिल्ली में 26 जनवरी पर नजर आएगी। लाल परेड मैदान पर भी गांधी के आंदोलनों से जुड़ी झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्कूल, कॉलेजों में गांधी से जुड़ी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। प्रदेश सरकार गांधी की 150वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी कर रही है।


- गांधी इन एक्शन
गांधी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने गांधी इन एक्शन प्रोजेक्ट भी तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत खादी को जोड़कर स्वदेशी का नारा गांव-गांव तक लगाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि गांधी के जरिए खादी और स्वदेशी से जुड़ें। हर घर में गांधी का साहित्य भी बांटा जाएगा।

- गांधी से जुड़े लोगों के संपर्क में कांग्रेस
कांग्रेस गांधी जयंती को धूमधाम से मनाने वाली है। कांग्रेस नेता उन स्थानों पर भी पहुंच रहे हैं, जहां प्रदेश यात्रा के दौरान कभी महात्मा गांधी ने विश्राम किया था। कांग्रेस ने करीब 150 ऐसे स्थानों को तलाशा है, जहां से गांधी का संबंध रहा है। गांधी के सत्याग्रह और दांडी मार्च से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को नुक्कड़ नाटक के जरिए गांव-गांव में पेश करने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस इन नुक्कड़ नाटक के जरिए गांधी का कांग्रेस से संबंध दिखाएगी और ये भी बताएगी कि आजादी की लड़ाई में संघ या भाजपा नेताओं का कोई योगदान नहीं रहा है।

गांधी हमारे आदर्श हैं। इस बात का सदा प्रयास रहता है कि उनकी विचारधारा घर-घर तक पहुंचे। महापुरुषों की कोई जाति-धर्म या पार्टी नहीं होती। गांधी की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी।
- लालसिंह आर्य, राज्यमंत्री, सामान्य प्रशासन

भाजपा के पास कोई ऐसा नेता नहीं जिसने आजादी में योगदान दिया हो, इसलिए वह कांग्रेस के नेताओं को अपना बनाकर राजनीति करती है। हमारी कोशिश है कि लोग गांधी के आदर्शों को अपनाएं।
- मुकेश नायक, विधायक, कांग्रेस

Published on:
31 Aug 2018 09:09 am