Politics on Name Change : एमपी में तीन गांवों के नाम बदलने के बाद प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है। मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया है।
Politics on Name Change : मध्य प्रदेश में तीन गांवों के नाम बदलने पर सियासत शुरू हो गई है। मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया है।
सीएम मोहन द्वारा गावों के नाम बदलने के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा मुख्यमंत्री को सोच समझ कर बोलना चाहिए। मौलाना से तकलीफ है सीएम को अंबेडकर से भी तकलीफ है सीएम को, मौलाना से इसलिए तकलीफ है क्योंकि आजादी की लड़ाई मौलानाओं ने लड़ी और इनके संगठन के लोगों ने आजादी की लड़ाई में कोई भूमिका नहीं निभाई, इसलिए इन्हें मौलानाओं से तकलीफ है। आरएसएस पर नकेल कसने का काम मौलानाओं ने किया, अंबेडकर ने किया है इसलिए भी इन्हें मौलानाओं से तकलीफ है। मौलाना के नाम पर दिक्कत है तो फिर इनका विजन समझा जा सकता है इनका विजन क्या होगा।
इसपर भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया है। बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि, सरकार जन भावना के अनुरूप ही फैसला लेती है। जो नाम गुलामियों के प्रतीक है, उन्हें बदला ही जाना चाहिए। कुछ भी अच्छा होता है तो कांग्रेस को जरूर तकलीफ होती है।