अब इन हथियारों से लैस होंगे RPF के जवान, 2020 महिलाओं की जल्द होगी भर्ती

जीआरपी और आरपीएफ के बीच विवाद सामने आते रहते हैं। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जीआरपी के साथ आरपीएफ का बेहतर तालमेल हो गया है। 

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Jan 18, 2017
भोपाल
. निकट भविष्य में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पास राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) से ज्यादा अधिकार होंगे। संभव है कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े समस्त अधिकार आरपीएफ को सौंप दिए जाए। मंगलवार को राजधानी भोपाल आए आरपीएफ महानिदेशक एसके भगत ने इशारों-इशारों में यह बात कही। हालांकि, उन्होंने साफतौर कुछ भी नहीं कहा, लेकिन यह बात जरूर कहा कि लॉ मेकर्स चाहते हैं कि आरपीएफ के पास और अधिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। वे डीआरएम कार्यालय में मीडिया से बात कर रहे थे। अचानक भोपाल आए डीजी का कहना था कि अधीनस्थों को सरप्राइज करना उन्हें अच्छा लगता है।




डीजी भगत ने कहा कि रेलवे में तेजी से नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं। एेसे में निश्चित तौर पर बल की जरूरत होगी। इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने महिला कांस्टेबल की संख्या भी आरपीएफ में बढ़ाने की बात कही। महिला कांस्टेबल की संख्या 10 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य बताते हुए कहा कि जल्द ही 2020 महिला कांस्टेबल की भर्ती भी की जाएगी। उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा तकनीक को कारगर बनाने पर भी जोर दिया।


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तकनीक को बनाएंगे सुरक्षा का हथियार
डीजी ने कहा कि तेजी से बढ़ती तकनीक को ही सुरक्षा का हथियार बनाया जाएगा। लोग अब सोशल मीडिया पर शिकायत पर तत्काल या उसके पहले उसका हल चाहते हैं। एेसे में आवश्यक है कि तकनीक को ही सुरक्षा के लिए अपनाया जाए। रेलवे हेल्पलाइन 182 को उन्होंने कारगर बताते हुए इसके परिणामों को और प्रभावी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकांश स्टेशनों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। निर्भया फंड से 900 स्टेशनों पर कैमरे लगाए जाएंगे।


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जीआरपी-आरपीएफ में विवाद नहीं
जीआरपी और आरपीएफ के बीच विवाद सामने आते रहते हैं। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जीआरपी के साथ आरपीएफ का बेहतर तालमेल हो गया है। अब कोई विवाद नहीं है। दोनों के ही अधिकार क्षेत्र बिल्कुल क्लियरकट कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा आरपीएफ 2003 तक पहले सिर्फ रेलवे प्रॉपर्टी की सुरक्षा करती थी। रेलवे एक्ट में संशोधन कर उसे रेलवे पैसेंजर की भी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। आरपीएफ के पास जीआरपी के लगभग 125 करोड़ रुपए के भुगतान पेंडिंग होने के सवाल पर डीजी एसके भगत ने कहा कि नोटंबदी और कुछ तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं किया जा सका था, लेकिन जल्द ही यह भुगतान कर दिया जाएगा।
Published on:
18 Jan 2017 09:01 am
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