
भोपाल। मध्यप्रदेश हो या देश में कहीं और हर जगह लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते ही है। भविष्य की सुरक्षा के लिए भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित हर प्रदेश के हर जिले को लोग कुछ न कुछ बचत करते ही हैं। ऐसे में बैंकों के पास कई स्कीमें हैं जिनमें से एक खास स्कीम से आप सबसे सुरक्षित निवेश व गारंटेड रिटर्न वाला निवेश कर सकते हैं।
चाहे आप अपने भविष्य के लिए बचत करना चाहते हों या इनकम टैक्स में रिबेट चाहते हों। दोनों ही आप्शन में बैंकों के पास एक ऐसी स्कीम हैं, जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। और तो और इस स्कीम को आप अपनी पत्नी को भी भेंट कर सकते हैं। जी हां ये हम नहीं कह रहे यह कहना है सेंट्रल बैंक के पूर्व मैनेजर एचएम गुप्ता का। उनके मुताबिक पहले इस पीपीएफ स्कीम को लेकर मध्यप्रदेश के लोगों में ज्यादा जागरुकता नहीं थी, लेकिन अब लोग इस ओर आकर्षित हो रहे हैं। जिसके चलते इसके ग्राहकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
गुप्ता के अनुसार भले ही आपकी पत्नी हाउसवाइफ हो या नौकरी पेशा, दोनों ही स्थिति में आप अपनी वाइफ के नाम से पब्लिक प्राविडेंट फंड (PPF) अकाउंट खुलवा सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट को सबसे सुरक्षित निवेश व गारंटेड रिटर्न वाला माना जाता है। उनके अनुसार पिछले कुछ ही वर्षों में मध्यप्रदेश में इस स्कीम से कई लोग जुड़े हैं।
ऐसे में यदि आपका निवेश का मन बन रहा है तो यह आपके लिए शानदार विकल्प साबित होगा। जानकारों के अनुसार इस निवेश को लेकर वैसे तो लोगों में जागरुकता बढ़ी है, लेकिन फिर भी कई लोग हैं जिन्हें अभी भी इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। आपकी वाइफ के पीपीएफ अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं।
यदि आप इतना ही फंड हर साल अपनी वाइफ के नाम से पीपीएफ अकाउंट में जमा करते हैं तो 15 साल के बाद इसके मैच्योर होने पर आपको करीब 50 लाख रुपए का फंड मिलेगा। उस समय यह फंड आपके बहुत काम आएगा। यानी जरूरत पड़ने पर आप अपनी वाइफ से 50 लाख रुपए तक की सपोर्ट ले सकते हैं।
फिलहाल पीपीएफ अकाउंट पर सालाना 7.8 प्रतिशत रिटर्न मिल रहा है। इस हिसाब से यदि PPF अकाउंट में आप 15 साल तक सालाना 1.5 लाख रुपए जमा कराते हैं तो इस इंटरेस्ट रेट के हिसाब से आपका कुल फंड करीब 43 लाख रुपए हो जाएगा। सरकार की तरफ से पीपीएफ स्कीम पर इंटरेस्ट रेट की हर तीन माह पर समीक्षा की जाती है।
इस संबंध में भोपाल की प्रीति का कहना है कि PPF एक अच्छा आप्शन है। मैं एक वर्किंग वूमेन हूं और मेरे पति एक कंपनी में डायरेक्टर हैं। हम दोनों ने करीब 3 साल पहले ही मेरा पीपीएफ एकाउंट खोला है। हमें अपने भविष्य व बच्चों के फ्यूचर को देखते हुए ये कदम उठाया है। और जितना हो सके हम इसमें जमा करते हैं। इसी के साथ ही मेरी पति का भी पीपीएफ एकाउंट है। इन्हीं योजनाओं के द्वारा हम अपना भविष्य सिक्योर फील करते हैं।
वहीं भोपाल के ही अजय सिंह का कहना है कि हमारी सैलरी बहुत ज्यादा नहीं है मेरा कंपनी में पीएफ एकाउंट है ही तो अब पत्नी का पीपीउफ एकाउंट भी खोल दिया है। वो एक हाउस वाइफ है, तो जो भी बचत होती है उसके पीपीएफ में डाल रहे हैं। कम से कम हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य तो सुरक्षित हो रहा है।
जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में पीपीएफ की ब्याज दरों पर कटौती भी हो सकती है और इसमें इजाफा भी हो सकता है। ऐसे में यदि ब्याज दरों में इजाफा होता है तो आप पीपीएफ अकाउंट में 15 साल तक निवेश कर करीब 50 लाख रुपए के मालिक बन सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट का नियम है कि इसमें सालाना 1.5 लाख रुपए से ज्यादा जमा नहीं किया जा सकता।
पीपीएफ अकाउंट की दूसरी शर्त यह है कि आप ज्वाइंट अकाउंट में इस खाते को नहीं खोल सकते। इसमें आप अपने, वाइफ के नाम पर या बच्चों के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं।
इस खाते को चालू रखने के लिए आप न्यूनतम 500 रुपए सालाना से लेकर अधिकतम डेढ़ लाख रुपए सालाना तक जमा कर सकते हैं। नाबालिग के अकाउंट में न्यूनतम 100 रुपए सालान भी जमा किए जा सकते हैं।
यदि आपने इस खाते में चालू वित्तीय वर्ष में न्यूनतम: कंट्रीब्यूशन नहीं किया है तो आपको हर साल के हिसाब से 50 रुपए का जुर्माना देना होगा। पीपीएफ अकाउंट में कंट्रीब्यूशन का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें जमा की गई रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है। यानी आपको अकाउंट मैच्योर होने पर जो राशि मिलती है उस पर आपको टैक्स नहीं देना होगा।
पहले तो लोग पीपीएफ के बारे में काफी कम जानते थे, लेकिन धीरे धीरे जागरुकता बढ़ी और लोग इसकी ओर आकर्षित भी हुए। जिससे इस स्कीम के ग्राहकों में इजाफा हुआ। ये एक ऐसी स्कीम है जिसकी मदद से आप बचत के साथ ही इनकम टेक्स में भी रिबेट तो पाते ही हैं साथ ही मेच्यूरिटी पर भी इनकम टेक्स नहीं हैं। इसके अलावा इसका रिटर्न भी गारंटेड होता है। अत: मैं मानता हूं कि ये सबसे सुरक्षित स्कीम है। साथ ही इसमें धोखाधड़ी की गुंजाइश न के बराबर है।
- एमएल राना, पूर्व बैंक कर्मचारी आलापुर ब्रांच एसबीआई