कांग्रेस से भोपाल लोकसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के मौन पर BJP उपाध्यक्ष प्रभात झा बोले - 'वो डरे हैं सहमे हैं'
भोपाल. कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को लेकर राजनीतिक सियासत गरमा गयी है। एक तरफ भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर एक के बाद एक विवादित बयान दे रही। तो दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह इन बयानों से बचते नजर आ रहे। शुक्रवार को मध्यप्रदेश का नेतृत्व कर रहे भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने दिग्विजय सिंह के मौन पर कहा कि 'वो डरे हैं सहमे हैं'।
भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने ये भी कहा
प्रभात झा ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कोई विवादित बयान नहीं दिया। साध्वी ने खुद कहा था कि वो काफी पीड़ित थीं। उन्होंने कहा कि यदि हम कमलनाथ जी को नहीं उतरने देते तो कैसा लगता। 13 साल CM रहने के बाद दुखी होकर शिवराज ने पीड़ा व्यक्त की थी। दीपक बावरिया जी प्रभारी है, उनका दायित्व हैं कि दल का दर्द देखकर दुखभरा पत्र लिख रहे हैं। भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि आईएएस एसोसिएशन ने किस दबाव में पत्र लिखा है ये सब जानते हैं।
IAS एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
छिंदवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी से आइएएस अफसर नाराज हैं। मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन ने इस पर सख्त ऐतराज जताते हुए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। एसोसिएशन ने लिखा है कि आयोग इस तरह के मामलों को संज्ञान में ले और चुनाव में नैतिकता बनाए रखने के लिए एडवायजरी जारी करे।
शिवराज की टिप्पणी से IAS अफसर नाराज
एसोसिएशन ने पत्र में लिखा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री ने कलेक्टर जैसी संस्था को कमतर आंका है। उन्होंने सार्वजनिक सभा में जो टिप्पणी की वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी टिप्पणी निष्पक्ष चुनाव में लगी मशीनरी को हतोत्साहित करती है।
आयोग ने कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने इस मामले में छिंदवाड़ा कलेक्टर से भी रिपोर्ट मांगी है। उधर, शिवराज ने सीईओ वीएल कांताराव से कलेक्टर शर्मा की शिकायत कर उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया से बाहर रखने की मांग की। आयोग ने एसीएस मनोज श्रीवास्तव को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा है, जिस पर उन्होंने गुरुवार देर रात रिपोर्ट आयोग को सौंप दी।
सरकारी आदेश का हवाला
भाजपा ने हेलिकॉप्टर उड़ाने की अनुमति शाम 5 से बढ़ाकर 6 बजे करने के लिए प्रशासन को आवेदन किया था। इस मामले में छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट की विमान अनुमति शाखा के प्रभारी अधिकारी ने 23 अप्रेल को ही स्थानीय भाजपा नेताओं को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया था कि मध्यप्रदेश सरकार के विमानन विभाग के आदेश के अनुसार हवाई पट्टी से विमान उड़ाने और उतारने की अनुमति सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ही दी जा सकती है।
भाजपा का ने दिया यह तर्क
भाजपा का आरोप है कि प्रशासनिक षड्यंत्र के चलते शिवराज के हेलिकॉप्टर को शाम 5 बजे के बाद उडऩे की अनुमति नहीं दी गई, जबकि डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन नियमों के मुताबिक सूर्यास्त के 20 मिनट बाद तक हेलिकॉप्टर उड़ाया जा सकता है। भाजपा ने शिकायत में कहा कि इस मामले में कलेक्टर पर राजनीतिक दबाव भी हो सकता है, उसकी भी जांच की जाए।
ये था पूरा मामला
बुधवार को जब शाम 5 बजे के बाद चौरई से शिवराज के हेलिकॉप्टर को उडऩे की अनुमति नहीं मिली। तब उन्होंने मंच से कहा था, ये पिट्ठू कलेक्टर सुन ले रे, हमारा भी समय आएगा रे, तब तुम्हारा क्या होगा।