नगर निगम सीमा में 50 करोड़ से होना है रोड साइन बोर्ड का काम
भोपाल। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन ने नगर निगम सीमा में रोड सेफ्टी साइन बोर्ड के लिए निकाले गए ५० करोड़ के टेंडर की बुधवार को प्री-बिड मीटिंग आयोजित की। इसमें नामी कंपनियों के बिडर शामिल हुए, जिन्होंने टेंडर की खामियों को लेकर करीब एक दर्जन आपत्तियां उठाई, लेकिन अफसरों ने इनका संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
मीटिंग में पूरे समय बिडर ही टेंडर डॉक्यूमेंट में की गई गलतियों पर बोलते रहे। एवरी डेनिशन कंपनी ने तो पूरा प्रेजेंटेशन दिया, लेकिन स्मार्ट सिटी प्रबंधन जवाब में कुछ बोल ही नहीं पाए। आखिरी में मीटिंग में शामिल होने वाले बिडर को कहा गया है कि टेंडर डॉक्यूमेंट में टाइपिंग एरर हुई है, इसे दुरुस्त करने के लिए संशोधन प्रकाशित किया जाएगा, लेकिन टेंडर की तकनीकी खामियों और मूलभूत आपत्तियों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
बिडर ने आपत्ति ली कि किसी एक ही कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए एेसी शर्तें जोड़ी गई हैं जो अन्य कंपनियों को टेंडर में शामिल होने से बाहर कर रही है। इस बैठक में ३एम, एवरी डेनिसन, केआरएम इंफ्रा सहित बिडर ५ ने हिस्सा लिया। इनमें से ३एम कंपनी के प्रतिनिधि ने कोई भी आपत्ति नहीं उठाई और बीच मीटिंग में से ही बाहर निकल गए। अन्य बिडर ने आपत्तियां ली, लेकिन किसी ने ठोस जवाब नहीं दिया।
यह आपत्तियां ली गई लेकिन समाधान नहीं मिला
आपत्ति-१ साइन बोर्ड की प्रिंटिंग के लिए एचपी लेटेक्स प्रिंटर-३६५ की शर्त पर आपत्ति ली गई। बिडर ने कहा कि यह किसी एक ही कंपनी को फेवर करने के लिए जोड़ी गई है। बिडर ने कहा कि यह प्रिंटर सिर्फ ३एम इंडिया कंपनी के पास ही है। अन्य कंपनी यह प्रिंटर खरीदती है तो एचपी कंपनी से अनुमति लेना पड़ेगी।
जवाब- यह प्रिंटर बाजार में उपलब्ध है। कोई भी ले सकता है।
आपत्ति-२ एचपी लेटेक्स प्रिंटर-३६५ से छापी गई सामग्री की लाइफ पांच साल है, लेकिन टेंडर में इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों का हवाला देकर १० साल लाइफ वाले आइटम मांगे गए हैं।
जवाब- यह टाइपिंग एरर हो सकती है।
आपत्ति-३ फाइनेंशियल क्राइटेरिया की अनदेखी की गई। फाइनेंशियल टर्नओवर और स्टेटस व नेटवर्थ के साथ ही बैंक क्रेडिट में छूट दे दी गई।
जवाब- इस पर अफसरों ने इतना ही कहा कि हम देखेंगे...
आपत्ति-४ साइन बोर्ड का मटेरियल ३एम कंपनी से ही लेने की शर्त टेंडर में है, किसी ब्रांड विशेष को ही क्यों जोड़ा गया?
जवाब- इस पर कोई जवाब नहीं दिया। दोबारा अथोराइजेशन लेना पड़ेगा इसलिए यह शर्त रखी गई।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
पत्रिका ने ३ मार्च के अंक में निगम से हो रहे कामों को भी स्मार्ट सिटी फिर करवाएगी, शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद ५ मार्च के अंक में स्मार्ट सिटी के साइन बोर्ड का टेंडर घिरा विवादों में, अब केंद्र सरकार तक पहुंची शिकायत शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस धांधली को उजागर किया है।
हम लोगों ने जो आपत्तियां ली, उन पर अफसर चुप रहे। जब ३एम कंपनी को लाभ पहुंचाने की बात उठाई तो ३एम कंपीन के प्रतिनिधि मीटिंग से बाहर निकल गए। इस टेंडर में भारी अनियमितता की जा रही है। टेंडर मिलते ही संबंधित पार्टी को १५ करोड़ रुपए दे दिया जाएगा। यह टेंडर सिर्फ किसी व्यक्ति-कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
- रौनक कुमट, नेशनल सेल्स मैनेजर एवरी डेनिशन कंपनी