
एमपी के दिग्गजों को दक्षिण भारत में झटका (Photo Source- Patrika)
Assembly Elections 2026 : देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से जीत हासिल हुई है तो वहीं अन्य राज्यों से कई चौंकाने वाले परिणाम भी सामने आए है। इसी कड़ी में सामने आया है कि, मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद चुनकर गए दो भाजपा नेताओं की केरल और तमिलनाडू के विधानसभा चुनाव में करारी हार हुई है। आपको बता दें कि, जार्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 को खत्म हो रहा है, जबकि डॉ. एल मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन केरल की कांजिराप्पल्ली विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे। सामने आए नतीजों के अनुसार, यहां वो तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार से करीब 29 हजार 662 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर कांग्रेस के रोनी के बेबी विजयी रहे। जबकि केरल कांग्रेस के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। इसी तरह भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी (एससी) सीट से मैदान में उतरे थे। भाजपा ने तमिलनाडु की अविनाशी विधानसभा सीट से उन्हें चुनाव लड़ाया था। लेकिन, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। मुरुगन को 68 हजार 836 वोट मिले थे, जबकि उनको हराने वाली तमिलगा वेट्टी कषगम की प्रत्याशी कमाली एस 84 हजार 209 वोट मिले हैं। ऐसे में एल मुरुगन को 15 हजार 373 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है।
एल. मुरुगन मौजूदा समय में तमिलनाडू की राजनीति में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वो तमिलनाडू में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। वो राज्यसभा में मध्य प्रदेश के कोटे से सांसद हैं। 2024 में उन्हें दूसरी बार राज्यसभा के लिए मध्य प्रदेश से चुना गया था। वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी उनका नाता है। वो मद्रास हाईकोर्ट में वकालत करते थे। 15 साल तक वकालत के बाद वो राजनीति में आए हैं।
वहीं, जॉर्ज कुरियन की बात करें तो वो भी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वर्तमान में वो मोदी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं। वह केरल में बीजेपी का पुराना चेहरा माने जाते हैं। 1980 से वो भाजपा से जुड़े हैं और अबतक कई पदों पर रह चुके हैं और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी केरल में ईसाई समुदाय में पैठ मानी जाती है। वह केरल में भी भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे हैं।
आपको बता दें कि, जॉर्ज कुरियन और एल. मुरुगन दोनों ही मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। कुरियन का कार्यकाल 19 जून 2026 में खत्म हो रहा है, जबकि मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक जारी रहेगा। इन दोनों नेताओं को भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मजबूत उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया था, लेकिन चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इनकी हार का असर आने वाले राज्यसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति पर भी पड़ने की संभावना है। खास बात ये है कि, मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें जून 2026 में खाली होने वाली हैं, जिनमें दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और भाजपा की ओर से सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल भी उसी समय पूरा होने जा रहा है।
Updated on:
05 May 2026 02:04 pm
Published on:
05 May 2026 02:04 pm
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