MP News: जीएमसी डॉ. पूर्वा बड़कुर ने बताया कि कम जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की ओपीडी को गर्भावस्था की अवधि के आधार पर दो समूहों में बांटा गया है।
MP News: एमपी में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रबंधन की ओर से बदलाव किया गया है। इसके तहत अब महिलाओं का उपचार दो भागों में किया जा रहा है। दरअसल, इस व्यवस्था का उद्देश्य गर्भवतियों को भीड़ से बचाना हैं, इससे उन्हें तुरंत उपचार मिलेगा। इस दौरान जीएमसी डॉ. पूर्वा बड़कुर ने बताया कि कम जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की ओपीडी को गर्भावस्था की अवधि के आधार पर दो समूहों में बांटा गया है।
डॉ. पूर्वा ने बताया कि पहले पांच माह और उससे अधिक माह की गर्भावस्था वाली महिलाओं की अलग-अलग ओपीडी बनाई गई है। इस सुविधा के अनुसार हाई रिस्क महिला का वरिष्ठ डॉक्टर की देखरेख में इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से महिलाओं लंबी लाइन से छुटकारा मिल जाएगा। प्रतिदिन यहां 350 से 400 महिलाएं इलाज के लिए आती है।
अस्पताल प्रबंधन गर्भवती महिलाओं की स्थिति के मुताबिक उन्हें दो भागों में उपचार करता है। इससे पेशेंट और डॉक्टर दोनों को राहत मिलती है। एक तरफ मरीज को बेहतर इलाज मिलता है, तो दूसरी ओर डॉक्टर तनाव मुक्त होकर उपचार करते हैं।- डॉ. कविता एन सिंह, डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज