
ब्यावरा. यदि आप 20 या 30 रुपए खर्च कर शुद्ध पानी बच्चों और परिवार को पिलाने की गलतफहमी पाल बैठे हैं तो सतर्क हो जाएं। आरओ युक्त फिल्टर पानी के नाम पर आपको गंदगी परोसी जा रही है। नगर पालिका के बिना फिल्टर पानी के साथ ही रुपए खर्च कर आपके घर तक पानी पहुंचाने वाले निजी सप्लायर्स की मनमानी भी सामने आई है। इसमें न सिर्फ शुद्धता के पैमाने को नजर अंदाज किया जा रहा, बल्कि कीड़े-मकोड़ों वाला गंदा पानी परोसा जा रहा है, इस पर न नगर पालिका प्रशासन कार्रवाई कर पाया ना ही स्थानीय प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ने इनकी जांच का कोई पैमाना बनाया।
कुकुरमुत्तों की तरह प्रतिस्पर्धा के लिए खुल गए निजी आरओ वाटर प्लांट में न सफाई का ध्यान रखा जाता ना ही लोगों की सेहत का। ऐसी ही बड़ी लापरवाही वार्ड-आठ कृष्णपुरम कॉलोनी में बने सांई वाटर सप्लाई की सामने आई है। इनके द्वारा सप्लाई की जाने वाली पानी की कैनों में न सिर्फ गंदगी सामने आई बल्कि कीड़े-मकोड़े से भी बदतर पानी भेजा जाता है।
कीड़े-मकोड़े और जूतों की गंदगी मिली
सांई वाटर सप्लायर्स द्वारा भेजे जाने वाले पानी में शनिवार को मरे हुए कीड़े-मकोड़े और उनके अवशेष मिले, साथ ही कैन के ऊपरी हिस्से पर जूतों की मिट्टी युक्त गंदगी पड़ी थी। बकायदा सप्लाई करने वाले ढक्कन लगाकर यह पानी रख गए, जब इसे चेक किया गया तो हकीकत सामने आई। हर दिन कैन आती है और आधे से अधिक लोग बिना ढक्कन खोले पानी का उपयोग करना शुरू कर देते हैं। इसी का फायदा उठाकर तमाम आरओ प्लांट वाले लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में लगे हैं।
फैक्ट-फाइल
-25 से अधिक प्लांट शहर में।
-20 लीटर की कैन करते हैं सप्लाई।
-25-30 रुपए निर्धारित दरें।
-पानी की शुद्धता का कोई पैमाना नहीं।
&मैंने सीएमओ को संबंधित प्लांट पर भेजा है, शहर के तमाम प्लांट की जांच करवाई जाएगी। पानी की शुद्धता का पैमाना भी जांचा जाएगा साथ ही सभी प्लांट का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
-प्रदीप सोनी, एसडीएम, ब्यावरा