भोपाल

एमपी में टीचर्स के अवकाश पर बड़ा अपडेट, स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा प्रस्ताव

Teachers- जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को प्रस्ताव, दिल्ली मॉडल पर भोपाल के शिक्षकों ने मांगा समर वेकेशन

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Apr 25, 2026
Proposal Submitted to the School Education Department Regarding Teachers' Leave in MP

Teachers- एमपी में टीचर्स के अवकाश पर बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश मांगा है। राजधानी भोपाल के शिक्षकों ने समर वेकेशन के लिए दिल्ली मॉडल पर अवकाश देने की मांग की है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।

राजधानी भोपाल के टीचर्स ने दिल्ली के मॉडल पर समर वेकेशन मांगा है। यह उन शिक्षकों के लिए है, जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगी है। ग्रीष्मकालीन छुट्टी में टीचर्स जनगणना का काम करेंगे। इसके बदले शिक्षकों ने अर्जित अवकाश देने की मांग रखी है। इस तरह की व्यवस्था दिल्ली में की गई है। जनगणना ड्यूटी को अर्जित अवकाश में बदलने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग से टीचर्स ने मांग की है।

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स्कूलों में एक मई से छुट्टी शुरू होने जा रही है। समर वेकेशन के तहत डेढ़ माह स्कूल बंद रहेंगे। इस बीच राजधानी में दो हजार शिक्षकों को जनगणना करनी है।

शासकीय शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को अवकाश के दिनों में काम के बदले अर्जित अवकाश के निर्देश जारी किए। प्रदेश में भी इस आधार पर इंतजाम की बात कही जा रही है। मामले में लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को पत्र दिया जाएगा।

मप्र शिक्षक संगठन का कहना है कि दिल्ली में शिक्षकों को समर वेकेशन के बदले अर्जित अवकाश मिलेंगे। इसके निर्देश हो चुके हैं। इसी तर्ज पर प्रदेश में भी व्यवस्था लागू की जाए। लोक शिक्षण को इस संबंध में पत्र दिया गया है। इस साल शिक्षकों के पास ग्रीष्म कालीन अवकाश नहीं हैं।

शहर में 4 हजार, प्रदेश में 3.5 लाख शिक्षक

राजधानी के स्कूलों में चार हजार शिक्षक हैं। प्रदेश में इनकी संख्या साढ़े तीन लाख हैं। जनगणना समर वेकेशन के दौरान होगी। आधे से ज्यादा शिक्षक जनगणना करेंगे।

जनगणना ड्यूटी का विरोध

प्रदेश में जनगणना ड्यूटी का विरोध भी किया जा रहा है। जनगणना और सर्वे कार्यों में ड्यूटी लगाने का आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। इंदौर में बाकायदा विरोध प्रदर्शन भी किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची और कहा, जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को लेकर यह कार्य करना संभव नहीं है। कार्यकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाया कि चुनाव ड्यूटी का भुगतान अब तक नहीं मिला है और मासिक मानदेय भी समय पर नहीं दे रहे है। अब जनगणना में दो साल तक काम कराने के लिए 25 हजार रुपए का प्रलोभन दे रहे हैं।

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Published on:
25 Apr 2026 08:37 am
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