
Bhopal News : पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए रविवार मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में दो दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस महत्वांक्षी अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान के तहत पांच साल या उससे कम उम्र के बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी की' यानी पल्स पोलियों की दवा पिलाने का कार्य किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि, इस महत्वकांक्षी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने पांच साल या उससे कम उम्र के 3 लाख 32 हजार बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर से लेकर दूरदराज के इलाकों में विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए।
वहीं, इस सबंध में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, पोलियो एक ऐसी गंभीर समस्या है, जिसका समय रहते बचाव न किया जाए तो ये आपके बच्चों को स्थायी रूप से दिव्यांग बना सकती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय - समय पर पोलियो की खुराक देना है।
आपको बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पल्स पोलिया की दवा पिलाए जाने के लिए आज से जिलेभर में 2710 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से हर इलाके के आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ - साथ शॉपिंग मॉल और यही नहीं प्रमुख बाजारों में भी दो बूंद दवा पिलाने की व्यवस्था रखी की गई है।
बाहर जाने वाले और बाहर से आने वाले बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाने की खास व्यवस्था की गई है। इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर ट्रांजिट बूथ बनाए स्थापित किए गए हैं, जहां तैनात स्वास्थ्यकर्मी पांच साल तक के हर बच्चे को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगे।
आज से जिलेभर में दो दिवसीय पल्स पोलियों अभियान की शुरुआत हुई है। ऐसे में पत्रिका द्वारा जिलेभर के अपने पाठकों से अपील की जाती है कि कृप्या आप अपने या अपने आसपास मौजूद शुन्य से पांच साल तक के बच्चों को पोलियों की दो बूंद पिलाने या पिलाने के लिए जागरुक करने का समय निकालें। ये अपने भविष्य को स्वस्थ रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। क्योंकि, पोलियो बेहद गंभीर बीमारी है, जो ग्रस्त हुए बच्चे को जीवनभर के लिए अपाहिज बना देती है।