कोरोना संकट के बीच दमोह उपचुनाव में स्वास्थ्यमंत्री की सभा को लेककर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
दमोह. एक तरफ कोरोना संक्रमण से से मप्र में कोहराम, मौत का तांडव जनता त्राहिमाम कर रही है तो दूसरी जारी, गुमशुदा स्वास्थ्य मंत्री दमोह में लगे हैं। शनिवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संक्रमण रोकने जुट जाने को कहा था। अगले दिन रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी दमोह में नजर आए। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा तहसील ग्राउंड में कार्यक्रम समाप्ति की ओर था। इसी बीच मंत्री प्रभुराम चौधरी पहुंच गए। यह तस्वीर कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने ट्वीट की। लिखा, कोरोना के कहर से मप्र में कोहराम, मोत का तांडव जारी, गुमशुदा स्वास्थ्य मंत्री दमोह में मिले। वह भी भाजपा की उस सभा को बिना मास्क संबोधित करते हुए जहां श्रोता ही गायब। एक बिकाऊ दूसरे को जिताने की कर रहे हैं अपील।
वही दूसरी ओर खंडवा जिले के बंजारी गांव में पुलिस द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ की गई बर्बरता को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने न सिर्फ पुलिसिया रवैय्ये को अमानवीय बताया। साथ ही इस घटना को बर्बरता की पराकाष्ठा बताया। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस मामले पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कमलनाथ ने याद दिलाते हुए कहा कि, पिछले दिनों हमने ऐसा ही एक नजारा इंदौर में भी देखा था, जहां दो पुलिसकर्मियों द्वारा एक युवक की बीच सड़क पर पिटाई की जा रही थी।
घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, प्रदेश के खंडवा ज़िले के बंजारी गांव का ये वीडियो बताया जा रहा है। एक कोविड पाज़िटिव मरीज़ और उसके परिजन की किस तरह पुलिस द्वारा बर्बर तरीके से पिटाई की जा रही है। महिलाओं पर भी लाठियीं बरसाई जा रही है? शिवराज जी, ये अमानवीयता है, बर्बरता है। बहन-बेटियों-बुजुर्गों पर इस तरह से लाठियां? इसके पूर्व इंदौर में भी इस तरह के दृश्य हमने देखे हैं? इसके दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिये सरकार दिशा-निर्देश जारी करे।