अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर मध्यप्रदेश भी राममय नजर आएगा। प्रदेश के लाखों मंदिरों में एक साथ भंडारे, दीपोत्सव और भजन-कीर्तन होगा...
अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर मध्यप्रदेश भी राममय नजर आएगा। प्रदेश के लाखों मंदिरों में एक साथ भंडारे, दीपोत्सव और भजन-कीर्तन होगा। मंदिरों में शनिवार से ही तैयारी की जाएगी। सत्ता-संगठन के स्तर पर तैयारियां होंगी। गृह विभाग के एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने सभी जिलों के कलेक्टर्स को आदेश दे दिए हैं। कानून व्यवस्था के नजरिए से पुलिस बल को भी गाइडलाइन भेजी गई है।
ऐसा पहली बार
सरकार के स्तर पर पहली बार इस तरह मंदिरों में कार्यक्रम हो रहा है। इससे पहले कभी इस तरह एक साथ लाखों भंडारे, दीये जलाने और रामलीला के कार्यक्रम नहीं हुए। अप्रेल-मई में लोकसभा चुनाव हैं। इस कारण सियासी मायने भी हैं।
फैक्ट्स
- 21757 मंदिर प्रदेश में सूचीबद्ध
- 6821 श्रीराम मंदिर
- 11542 मंदिर विष्णुजी के
- 3771 मंदिर शिवजी के
- 25 हजार से ज्यादा पुजारी सूबे में
गाइडलाइन
- 16 से 22 जनवरी तक मंदिरों में राम-कीर्तन।
- दीप-प्रज्ज्वलन, घरों में दीपोत्सव।
- मुख्य मंदिरों में स्क्रीन लगाकर प्राण-प्रतिष्ठा का प्रसारण।
- लोगों को मंदिरों में बुलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- ट्रस्ट, समिति व जनता मिलकर 22 जनवरी को भंडारा करें।
ये हैं जिले
रामलीला संस्कृति विभाग यहां कराएगा आयोजन
- रतलाम, मंदसौर, उज्जैन, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, देवास, सीहोर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, अनूपपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, रीवा एवं दमोह में होगा।