एक तरफ भजपा ने शहर के ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरुनानक देव जी के नाम पर रखने की सलाह दी है, वहीं कांग्रेस इसे सामाजिक ताने-बाने की विरोधी सलाह बता रही है।
भोपाल/ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का नाम भोजपाल रखे जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं है कि, हालही में शहर के एक अन्य इलाके के नाम बदलने की चर्चा पर विवाद खड़ा होने लगा है। जहां एक तरफ भजपा ने शहर के ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरुनानक देव जी के नाम पर रखने की सलाह दी है, वहीं कांग्रेस इसे सामाजिक ताने-बाने की विरोधी सलाह बता रही है।
रामेशवर की इस बात पर शुरु हुआ विवाद
विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी रखना चाहिए। प्रकाश पर्व के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कहा कि, ये भोपाल का सौभाग्य है कि, 500 साल पहले गुरुनानक देव जी भोपाल आए थे। वो भारत भ्रमण के दौरान राजधानी में रुके थे। इसी लिए इलाके का नाम उनके नाम पर होना चाहिए।
500 साल पहले यहां किसका मकान था- रामेश्वर
रामेश्वर शर्मा ने आगे ये भी कहा कि, ये राजा भोज की नगरी का सौभाग्य है कि, यहां उनके चरण पड़े। रामेश्वर ने सवाल करते हुए कहा कि, कोई बताए 500 साल पहले यहां किसका मकान था। पहले तो ये गुरुनानक टेकरी ही थी। इसीलिए इस इलाके का वही नाम होना चाहिए। ईदगाह तो यहां बाद में बनाई गई। हमें सत्य को स्वीकार करना होगा।
के.के मिश्रा ने ट्वीट कर किया पलटवार
इसके बाद कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता के.के मिश्रा ने रामेश्वर की सलाह पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त करने वाली सलाह बताया। मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि, हमारे सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर अनावश्यक खून बहाने से बाज़ आइए प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा जी, भोपाल के ईदगाह का नाम बदलने की बात कह कर आप अब मुस्लिमों और सिखों को लड़ाना चाहते है! इस घिनौनी साजिश के पहले यह भी जान लीजिए कि, अमृतसर साहिब की नींव मियां मीरबांकी ने ही रखी थी।