पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा- 'तिरंगा और गंगा के साथ अब गाय के लिए भी करना है काम'

कटनी पहुंची उमा भारती ने मीडिया से चर्चा के दौरान कही प्रमुख बातें।

By: Faiz

Updated: 30 Nov 2020, 03:00 PM IST

करनी। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सोमवार को कटनी पहुंची। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा में कई प्रमुख बातें कहीं। उमा भारती ने कहा कि, कार्तिक चतुर्दशी पर अमरकंटक पर थी, कार्तिक चतुर्दशी पर ही कार्तिकेय ने असुरों पर विजय हासिल की थी। उस स्थान की महिमा बहुत है। मां नर्मदा के कारण स्थान तो प्रमुख है ही और वहां कार्तिक स्वामी विजय प्राप्त कर विराजमान हुए थे, इसलिए और बेहद महत्वपूर्ण है।

 

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गाय के बछड़े का नामकरण किया

उमा ने कहा कि, जब कल जंगल घूमने गई थी, तो फोर्स को कम कर लिया था, वहां जो लोग थे उनसे बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि, हमारी गाय अभी बच्चे को जन्म देने वाली है। तो तत्काल वहां पर पंजीरी और गुड़ की व्यवस्था की। इसके बाद उनके आदिवासी टोले पर पहुंची। गाय ने बछिया को जन्म दिया उस दौरान बछिया का नामकरण किया। उन्होंने कहा कि, तिरंगा और गंगा के लिए मैंने अब तक काम किया है और अब गाय के लिए काम करना है। ओरछा जाने के लिए यहां पर अल्प प्रवास पर हूं।

 

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किसानो को लेकर कहीं ये बड़ी बात

उमा भारती ने कहा कि, किसानों की सबसे बड़ी समस्या है, जबकि किसान ही देश चला रहे हैं। जितनी एकजुटता के साथ बात करेंगे सामंजस्य बनाएंगे तो उनकी बात बन जाएगी। इस देश का मालिक ही किसान है। हमारा देश कृषि प्रधान और धर्म प्रधान देश है। धर्म इसके प्राण है और कृषि इसकी सुरक्षा कवच है। किसान की मांग बहुत छोटी होती हैं, किसान कर्जदार बहुत हो गया है। यही वजह है कि, वो आत्महत्या कर रहा है। किसान को समय पर खाद मिले समय पर बीज मिले और समय पर उचित बिजली मिले और उचित दाम मिले। ये व्यवस्था होने पर किसान कर्जदार नहीं बल्कि कर्ज दाता बन जाएगा।

 

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मैं किसान की बेटी हूं- उमा भारती

उन्होंने कहा कि, इस समस्या को शरद जोशी ने पहले बहुत तरीके से उठाया था, लेकिन दुर्भाग्य कि दोनों में विवाद हो गया और किसानों के लिए स्वर्णिम अध्याय था। किसान सबको खिलाता रहा है। अन्नदाता है। बगैर कष्ट दिए सरकार उनकी बात सुनने को तैयार है। मैं किसान की बेटी हूं किसान की जो समस्या है उसके पॉइंट तय है, लेकिन व्यापकता बहुत है। बहुत संवेदनशीलता और धैर्य से किसानों को अपनी बात कहनी होगी। अधीर और इस तरह के तरीके से बात नहीं बनेगी। शांति रखनी पड़ेगी। किसान को अपनी बात ऐसी कहनी है कि कोई भी परेशान नहीं हो।

 

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'पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह से बात करें 4 किसान'

4 किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर बात करेंगे तो वह आसानी से बात समझ जाएंगे। सबको एक रहना है आपस में ऊपरी झगड़ा कर आपसी फूट नहीं डालना। एक रहें शांत रहें। अपनी बात शांति से सरकार तक पहुंचाएं और सरकार को एक मौका दें कि उनकी बात सुनी जाए फिर उसके बाद में आगे की कार्रवाई हो।

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