
Shobhit Tripathi : एमपी के एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है। सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन निलंबित CEO शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है। उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पकड़ा है। ईडी ने यह कार्रवाई सरकारी राशि के गलत उपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। CEO शोभित त्रिपाठी को 9 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया है। उसपर विवाह सहायता योजना में फर्जीवाड़े का आरोप है। 30 करोड़ रुपए के इस घोटाले की EOW में शिकायत की गई थी। FIR के बाद जांच शुरू हुई जिसमें शोभित त्रिपाठी की संलिप्तता उजागर हुई। वह प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता व पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का रिश्तेदार है। CEO शोभित त्रिपाठी को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। EOW ने साल 2020 में जब उसे पकड़ा तब वह करीब डेढ़ साल तक जेल में ही रहा था।
शोभित त्रिपाठी सिरोंज जनपद पंचायत का CEO पद पर पदस्थ था। प्रवर्तन निदेशालय ईडी के मुताबिक कार्यकाल के दौरान उसने विवाह सहायता योजना में करीब 30.18 करोड़ रुपए का घोटाला किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने 5923 संदिग्ध मामलों में विवाह के लिए सरकारी राशि मंजूर कर बांट दी। इसमें नियमों का घोर उल्लंघन किया गया।
ईडी ने शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर 3 सितंबर को भोपाल की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 9 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेजा है। अधिकारियों के अनुसार विवाह सहायता योजना में सरकारी राशि के गलत इस्तेमाल से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की गई है।
CEO रहते हुए शोभित त्रिपाठी के घोटाला की EOW को शिकायत की गई जिसके बाद FIR दर्ज हुई। इसी के आधार पर ईडी ने शोभित त्रिपाठी और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन सिरोंज जनपद CEO के कार्यकाल में घोटाला किया गया। EOW की जांच में सिरोंज में वर्ष 2019 से 2021 के बीच 5923 विवाह मामलों में हितग्राहियों को 51-51 हजार रुपए देने की बात सामने आई। कुल 301839 हजार रुपए का भुगतान किया गया। सिरोंज के तत्कालीन भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने मामला विधानसभा में भी उठाया। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के आदेश पर शोभित त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया था।