भोपाल

एमपी में 8 हजार से ज्यादा ‘एसटी-एससी’ पीड़ितों की राहत अटकी, टॉप पर हैं ये जिले

MP News: एसटी, एससी पीड़ितों को सरकार से राहत राशि दिलवाने में जबलपुर जिले ने सबसे तेज काम किया है।

less than 1 minute read
Feb 15, 2026
ST-SC victims stuck (Photo Source - Patrika)

MP News: अन्याय का शिकार हुए 8 हजार से अधिक एसटी, एससी पीड़ितों को आर्थिक मदद नहीं मिली है। यह मदद रोकने वाले जिलों में सागर, जबलपुर, दमोह, नर्मदापुर व ग्वालियर टॉप पर है। सागर, जबलपुर व दमोह में पुलिस के कारण तो वहीं नर्मदापुरम, ग्वालियर व सागर में समिति के स्तर पर प्रकरण लंबित होने के कारण पीड़ितों को आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है।

असल में एसटी व एससी वर्ग के लोगों के साथ अन्याय करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद पीड़ितों को पात्रता के आधार पर आर्थिक मदद देने के प्रावधान है। यह मदद पूरी तरह पुलिस और छानबीन समिति के आधार पर मिलती है। जनवरी के तक पुलिस के स्तर पर 3500 और समिति के स्तर पर 4600 से अधिक मामले लंबित थे। इनमें लंबे समय से कोई भी ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

ये भी पढ़ें

जनगणना में नागरिकों से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, 10 लाख घरों की होगी मैपिंग

इन जिलों ने तेजी से निपटाए प्रकरण

गृह विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दूसरी तरफ आलीराजपुर, पांर्दुना और शहडोल पुलिस ने अच्छा काम किया है। यहां बहुत कम मामले बचे है जबकि समिति स्तर पर मुरैना, सिंगरौली, आलीराजपुर, भोपाल शहर, झाबुआ और भोपाल ग्रामीण में भी ऐसे प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया है।

पीड़ितों को राशि दिलाने में जबलपुर आगे

एसटी, एससी पीड़ितों को सरकार से राहत राशि दिलवाने में जबलपुर जिले ने सबसे तेज काम किया है। सीहोर व राजगढ़ का भी काम अच्छा है तो वहीं विदिशा, मऊगंज और भोपाल नगरीय पुलिस ने सबसे कमजोर प्रयास किए हैं। इसके चलते कई पीड़ितों को समय पर राहत राशि ही नहीं मिल सकी।

ये भी पढ़ें

काटे जाएंगे बिजली के ‘5 साल’ पुराने अस्थायी कनेक्शन, देंने होंगे 80 हजार रुपए !

Published on:
15 Feb 2026 01:45 pm
Also Read
View All

अगली खबर