7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

bhopal news: सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना में राजभाषा की गूंज: ‘राजभाषा दैनंदिनी 2026’ का विमोचन

bhopal news: मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल कोहाड़े ने किया आह्वान- उत्पादन के साथ-साथ संवैधानिक दायित्वों के लिए हिंदी को अपनाएं ।

2 min read
Google source verification
sawari dibba

crws nishatpura rajbhasha hindi implementation committee meeting 2026

bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना (CRWS), निशातपुरा में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 'कारखाना राजभाषा कार्यान्वयन समिति' की 87वीं तिमाही बैठक गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल वी. कोहाड़े द्वारा की गई। इस अवसर पर कारखाने के प्रशासनिक और उत्पादन कार्यों में हिंदी की प्रगति की समीक्षा की गई।

दिसंबर तिमाही के कार्यों की समीक्षा

बैठक के दौरान दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान राजभाषा नीति के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष कोहाड़े ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कारखाना प्रशासन केंद्र सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदी केवल संपर्क की भाषा नहीं, बल्कि हमारे संवैधानिक गौरव का प्रतीक है, जिसे हमें दैनिक सरकारी कामकाज का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

अतिथियों का स्वागत और रूपरेखा

कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा के अनुसार हुआ। उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (सडीएफके) हनुमान प्रसाद मीना ने अध्यक्ष महोदय को पौधा भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात संपर्क राजभाषा अधिकारी एवं सहायक कार्मिक अधिकारी एम.एल. मीना ने स्वागत भाषण दिया और बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

'राजभाषा दैनंदिनी 2026' का विमोचन

इस बैठक का मुख्य आकर्षण राजभाषा अनुभाग द्वारा तैयार की गई "राजभाषा दैनंदिनी 2026" का विमोचन रहा। कोहाड़े एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दैनंदिनी का लोकार्पण किया। इस संबंध में बताया गया कि यह दैनंदिनी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शिका का कार्य करेगी। इसमें राजभाषा से संबंधित संवैधानिक प्रावधान, महत्वपूर्ण अधिनियम, नियम और कार्यालयीन टिप्पणियों के साथ-साथ दैनिक उपयोग में आने वाली शब्दावली का समावेश किया गया है, जिससे तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को हिंदी में करना सुगम होगा।

उत्पादन के साथ अध्यात्म और भाषा का मेल

अपने संबोधन में प्रफुल्ल वी. कोहाड़े ने सभी विभागों के प्रमुखों और शॉप प्रभारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे जैसे विशाल संगठन में तकनीकी कार्यों के बीच राजभाषा का प्रयोग एक सकारात्मक कार्य संस्कृति का निर्माण करता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी कर्मचारी न केवल उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करें, बल्कि राजभाषा नीति के अनुपालन को भी अपनी प्राथमिकता में रखें।

उपस्थिति और आभार

बैठक में कारखाने के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, शॉप एवं अनुभाग प्रभारी, पर्यवेक्षक और मुख्य कार्यालय अधीक्षक उपस्थित रहे। बैठक का सफल संचालन और अंत में आभार प्रदर्शन वरिष्ठ अनुवादक राकेश कुमार मालवीय द्वारा किया गया।