
Retired IAS Rakesh Agarwal Case : राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आइएएस अफसर राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुख्य संदेही केयरटेकर वरुण कुमार पुलिस की पकड़ से पूरी तरह बाहर हो चुका है। शातिर आरोपी ने अपने तमाम इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बंद कर दिए हैं, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना पुलिस के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं है। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने या तो नया मोबाइल ले लिया है या बिना फोन के ही रह रहा है। अब भोपाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें राजस्थान की खाक छान रही हैं। ताजा इनपुट के आधार पर राजस्थान के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
मामले में सीएम मोहन यादव द्वारा शोक व्यक्त करने के बाद पुलिस सक्रिय हुई थी। हालांकि 5 दिन बाद भी उसके हाथ खाली हैं।
परिजनों के दावों पर शक, कॉल डिटेल खोलेगी गहरे राज
पुलिस की एक टीम आरोपी के ग्वालियर में रहने वाले पिता और पटियाला व आगरा में रहने वाली उसकी बहनों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, पिता का दावा है कि वरुण बचपन में ही बिगड़ गया था और परिवार से उसका कोई वास्ता नहीं था पर पुलिस परिजनों की इस दलील को महज गुमराह करने की कोशिश मान रही है। आरोपी की कॉल डिटेल से कई नए मोड़ सामने आए हैं। उन तमाम संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, जिनसे वरुण वारदात से पहले और बाद में लगातार संपर्क में था।
जांच में पुलिस को आशंका है कि फरार होने के बाद वरुण ने नया मोबाइल और सिम कार्ड इस्तेमाल किया हो सकता है। यह भी संभावना है कि वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल ही नहीं कर रहा हो। ऐसे में मोबाइल लोकेशन के जरिए उसे ट्रेस करना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है।
पुलिस ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाला और 15 टीमें उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पंजाब में तलाश कर रही हैं। पुलिस को वरुण के भागने के संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज से कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन उसकी मौजूदा लोकेशन का पता नहीं चल सका है।
रिटायर्ड आइएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला
आरोपी वरुण कुमार का फोन बंद
केयरटेकर 5 दिन से पुलिस को छका रहा
भोपाल पुलिस राजस्थान में दबिश की कर रही तैयारी