Revenue Maha Abhiyan 2.0 एमपी में जमीन संबंधी विवादों को निपटाने के लिए बड़ी कवायद की जा रही है।
Revenue Maha Abhiyan 2.0 will run till 31 August एमपी में जमीन संबंधी मामलों को निपटाने के लिए बड़ी कवायद की जा रही है। राज्य सरकार राजस्व विभाग के लिए खासतौर पर महा अभियान शुरु किया है। इस अभियान में आरआई और पटवारी से लेकर तहसीलदार, नायब तहसीलदार तक जुटेंगे और जमीन के सालों पुराने केस महज डेढ़ माह में सुलझा देंगे।
प्रदेशभर में जमीन के सीमांकन, नामांतरण के सबसे ज्यादा मामले पेंडिंग हैं। जमीन के बंटवारे के कई मामले तो दशकों से विवादित चल रहे हैं। ऐसे सभी मामलों के निपटारे के लिए प्रदेश सरकार ने राजस्व महा अभियान 2.0 प्रारंभ किया है। यह अभियान 31 अगस्त तक चलेगा।
जमीनी मामलों के निपटारे के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे किसानों के लिए यह अभियान बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। चूंकि राजस्व महा अभियान के लिए आरआई, पटवारियों, अधिकारियों को बाकायदा लक्ष्य दिया गया है, इसलिए किसानों के पेंडिंग मामले सुलझने की उम्मीद है। राजस्व महा अभियान पूरे प्रदेश में शुरू हो गया है।
इस अभियान में जमीन के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन का काम सबसे प्रमुखता से किया जाएगा। इसके साथ ही अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, पीएम किसान, खसरे की समग्र और आधार से लिंक, रजिस्ट्री आदि के प्रकरणों का भी निपटारा किया जाएगा।
राजस्व महा अभियान में खुद कलेक्टर जिलेभर का दौरा कर जमीनी हकीकत की जांच करेंगे। वे इसकी लगातार मॉनीटरिंग करेंगे। इसके साथ ही अपर कलेक्टर और संबंधित एसडीएम भी राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई का जायजा लेते रहेंगे। तहसीलों में अवकाश के दिन भी काम किया जाएगा।