पुलिस और परिवहन विभाग के विभिन्‍न नियमों को सरल भाषा और रोचक अंदाज में लिखा जाएगा, ताकि बच्चों को उनके मानसिक स्तर के हिसाब से समझाया जा सके।
भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग पहली से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में रोड सेफ्टी ( सड़क सुरक्षा ) के पाठ को जोड़ने जा रहा है। इसके तहत पुलिस और परिवहन विभाग के विभिन्न नियमों को सरल भाषा और रोचक अंदाज में लिखा जाएगा, ताकि बच्चों को उनके मानसिक स्तर के हिसाब से समझाया जा सके। इसके सनम पाठ को कहानी, कार्टून और कविता के स्वरूप में रखा जा सकता है। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए अलग-अलग पाठ जोड़े जाएंगे, जिनका निर्धारण पाठ्यचर्या समिति करेगी।
अभी चल रहा शोध
स्कूल शिक्षा विभाग किसी भी विषय को लागू करने से पहले उस पर शोध करता है। पाठ्यचर्या समिति में विशेषज्ञों के बीच विषय-वस्तु को लेकर गहन चर्चा होती है। इसके बाद तय किया जाता है कि किसी विषय के पाठ को किस तरह से शामिल किया जाए। इस वजह से शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही रोड सेफ्टी के पाठों को पहली से 12वीं तक लागू किया जाएगा।
पुलिस विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा जिम्मा
दरअसल, एक अच्छी पहल के तहत मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग से इस संबंध में संपर्क किया है। आज के बच्चे कल देश के युवा नागरिक बनेंगे। ऐसे में अपेक्षा है कि स्कूलों में छात्रों को सड़क सुरक्षा का विषय पढ़ाया जाए, ताकि वे देश के जिम्मेदार नागरिक और आम लोगों के लिए मददगार साबित होंगे। इसके अलावा नियमों से भयाक्रांत होने के बजाय उन्हें समझकर उनको फॉलो करेंगे। इस तरह से दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी, जिससे कारण लगातार युवा और किशोर घायल हो रहे हैं। कई मामलों में जान तक गंवानी पड़ रही है।
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