rss chief mohan bhagwat bhopal visit: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का भोपाल दौरा कल से है। इस बीच, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में जो संघ की तारीफ की है, उससे राजनीतिक हलचल तेज है...। पढ़ें विस्तार से...।
rss chief mohan bhagwat bhopal visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को भोपाल पहुंच रहे हैं। दो दिनों तक वे युवा, समाज के प्रमुख और मातृशक्ति (महिला वर्ग) के साथ चार अहम बैठकों में सीधे संवाद करेंगे। मोहन भागवत के दौरे का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की 'संगठनात्मक शक्ति' की सराहना कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को भोपाल आ रहे हैं। वे आरएसएस के शताब्दी वर्ष के मौके पर दो दिनों के लिए आ रहे हैं। इस दौरान वे चार अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे और संघ के अलग-अलग वर्गों के पदाधिकारियों के साथ और युवाओं, समाज के प्रमुख जनों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और मातृशक्ति (महिला वर्ग) के साथ सीधे संवाद करेंगे।
भागवत की पहली बैठक 2 जनवरी की सुबह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगी, जिसमें वे युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश के 31 जिलों से चयनित ऐसे युवा शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, सामाजिक कार्य, उद्योग और नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। मोहन भागवत इनसे राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और वर्तमान चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। शाम को मोहन भागवत रवींद्र भवन जाएंगे, जहां हंस ध्वनि सभागार में गोष्ठी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान सामाजिक भूमिका, समकालीन परिस्थितियों और संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर चर्चा करेंगे।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब तीन दिन पहले ही राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संघ की तारीफ की थी। इससे पहले तक दिग्विजय सिंह अक्सर ही संघ पर तंज कसते रहे हैं। अक्सर संघ पर टिप्पणी कर सुर्खियों में आने वाले दिग्विजय सिंह ने जब संघ की तारीफ की तो वे अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए।
27 दिसंबर 2025 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से ठीक पहले राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक पुरानी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी। इस तस्वीर में लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं और उनके पैरों के पास पीएम नरेंद्र मोदी जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर तब की है जब मोदी युवावस्था में थे। इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा था कि यह प्रभावशाली चित्र है, जो आरएसएस और बीजेपी की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है। कैसे एक जमीनी स्वयं सेवक (साधारण कार्यकर्ता) मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बन सकता है। दिग्विजय ने इस बात को संगठन की ताकत बताया और कांग्रेस को भी इससे सीखने की सलाह दे डाली थी। दिग्विजय सिंह ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने आरएसएस के खिलाफ अब तक इतनी बयानबाजी की है कि शायद ही किसी कांग्रेस नेता ने की होगी। इन टिप्पणियों के कारण दिग्विजय सिंह हमेशा चर्चाओं में बने रहते हैं। इस बार दिग्विजय अपनी ही पार्टी में घिरते नजर आ रहे हैं।