
भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के भाजपा से उतरने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मालेगांव विस्फोट मामले के पीडि़त निसार अहमद सय्यद बिलाल ने महाराष्ट्र की विशेष अदालत में याचिका दायर कर प्रज्ञा के चुनाव लडऩे पर आपत्ति की है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा कि प्रज्ञा को खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिली है। अगर जेल में रहने के लिए अस्वस्थ हैं तो चुनाव लडऩे के लिए कैसे स्वस्थ हो सकती हैं। प्रज्ञा गुरुवार को भोपाल के मानस भवन में कार्यकर्ताओं की पहली बैठक में आपबीती सुनाते-सुनाते रो पड़ीं।
बोलीं - मेरे एनकाउंटर की भी साजिश रची गई थी। दिग्विजय ने प्रबुद्धजनों से चर्चा करते हुए प्रज्ञा का नाम लेने से परहेज किया। कांगे्रस नेता तहसीन पूनावाला ने चुनाव आयोग में शिकायत कर प्रज्ञा के चुनाव लडऩे पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन आयोग ने खारिज कर दिया।
प्रज्ञा के बचाव में आए भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा, दिग्विजय के खिलाफ प्रज्ञा से बेहतर उम्मीदवार नहीं हो सकता। इनकी उम्मीदवारी का निर्णय प्रदेश कमेटी का था। उन्होंने कहा, भगवा या हिंदू आतंकवाद शब्द यूपीए सरकार ने गढ़े थे। ऐसी कोई चीज न तो पहले थी और ना अब है। हिंदू आतंकवाद के नाम पर कुछ लोगों को गलत तरीके से जेल में ठूंसा गया।
कहा- मेहबूबा हो या उमर सभी को मुझसे तकलीफ
उमर अब्दुल्ला के आरोपों को साध्वी प्रज्ञा ने विरोधियों की तिलमिलाहट बताया है। उन्होंने मीडिया से कहा, मेहबूबा मुफ्ती हों या उमर अब्दुल्ला सभी को मुझसे तकलीफ है। क्योंकि मैं इनके और कांग्रेस नेताओं के कुकर्मों की प्रत्यक्ष प्रमाण हूं। इसके बाद वे मानस भवन में आपबीती सुनाते हुए फफक पड़ीं।
उन्होंने कहा, दिग्विजय ने हिंदुत्व को बदनाम करने और आरएसएस को आतंकी संगठन घोषित करवाने के लिए मुझे गिरफ्तार कर प्रताडऩाएं दिलवाई, ताकि मैं टूट जाऊं। उन्होंने जेल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कॉलेज के दिनों से ही दिग्विजय सिंह मेरे खिलाफ थे। उनके इशारे पर मुझे जेल में कमरे में बंद कर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लगातार 23 दिनों तक पीटा गया। पुलिस कहलवाना चाहती थी कि मैंने ही विस्फोट किया।
देश में मंडरा रहा हिंदुत्व पर खतरा
प्रज्ञा ने कहा, देश में हिंदुत्व पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसलिए वे भोपाल की जनता को सुविधाएं दिलाने का वादा तो नहीं करेंगी, लेकिन हिंदुत्व को सुरक्षित हाथों तक पहुंचाने का भरोसा जरूर दिलाएंगी।
भगवा या हिन्दू आतंकवाद कभी नहीं कहा : दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस प्रवक्ताओं से कहा कि उनको चुनाव में युवा, महिला, रोजगार और विकास के मुद्दे पर ही बात करनी है। भाजपा चुनाव को ध्रुवीकरण की तरफ ले जाना चाहती है, लेकिन हमें इस प्रोपेगेंडा में न फंसकर सिर्फ विकास पर ही बात करनी है। दिग्विजय ने सफाई दी कि उन्होंने हिंदू या भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया। इसके बाद उन्होंने पीसीसी में प्रबुद्धजनों से कहा कि उनके चुनाव लडऩे से भोपाल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बुद्धिजीवी वर्ग की जिम्मेदारी है कि वे विभाजन की कोशिशों को नाकाम करें।
जयवद्र्धन ने भी की विकास की पैरवी
दिग्विजय सिंह के मंत्री पुत्र जयवद्र्धन सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि भोपाल वासियों ने लगातार 30 साल तक भाजपा सांसद चुने। 15 साल राज्य में भाजपा चुनी, लेकिन इतने सालों में ये लोग भोपाल के लिए रिंग रोड नहीं बना पाए। इस चुनाव में हिन्दु-मुस्लिम नहीं, अब विकास की बात होगी।
आतंकवाद के आरोपी को दिया टिकट : उमर
उमर अब्दुल्ला ने कहा, प्रज्ञा को जो जमानत मिली है वो खराब स्वास्थ्य पर मिली है। अगर वे जेल में रहने के लिए अस्वस्थ हैं तो चुनाव के लिए कैसे स्वस्थ हो गईं। भाजपा को पता है कि मंदिर-मस्जिद पर वोट नहीं मिलेगा, इसलिए उन्होंने भोपाल से ऐसा उम्मीदवार उतारा है, जो आतंकवाद के केस में आरोपी है।