भोपाल

साध्वी ने अपने हमनाम प्रत्याशी को मनाया, अब चुनाव नहीं लड़ेंगी प्रज्ञा ठाकुर; भोपाल से मैदान में 30 कैंडिडेट

साध्वी ने अपने हमनाम उम्मीदवार को मनाया, अब चुनाव नहीं लड़ेंगी प्रज्ञा ठाकुर; भोपाल से मैदान में 30 कैंडिडेट

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Apr 27, 2019
साध्वी ने अपने हमनाम उम्मीदवार को मनाया, अब चुनाव नहीं लड़ेंगी प्रज्ञा ठाकुर; भोपाल से मैंदान में 30 कैंडिडेट

भोपाल. भोपाल लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प है। भाजपा से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर चुनावी मैदान में हैं तो कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर शुक्रवार को अपने ही नाम की एक उम्मीदवार से मिलने पहुंचीं। दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर के नाम से एक और महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में थीं। भाजपा को इस बात का डर था कि एक ही नाम के दो उम्मीदवारों से भाजपा के वोट बंट सकते हैं। इसे देखते हुए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर शुक्रवार को हमनाम निर्दलीय उम्मीदवार को मनाने पहुंचीं। साध्वी के मिलने से बाद निर्दलीय उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने अपना नामांकन वापस ले लिया और भाजपा में शामिल हो गईं। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने निर्दलीय प्रत्याशी से चुनाव न लड़ने की अपील की। साध्वी की अपील पर निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव न लड़ने का ऐलान करते हुए अपना नाम वापस ले लिया।

हमनाम उम्मीदवार ने किया था नामांकन
भोपाल सीट से भाजपा के टिकट पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ही नहीं, बल्कि उनकी हमनाम निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने भी नामांकन किया। अपने हमनाम प्रत्याशी के चुनाव मैदान में उतरने से न केवल साध्वी, बल्कि भाजपा भी परेशान थी। साध्वी प्रज्ञा शुक्रवार सुबह भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के घर पहुंचीं। साध्वी ने प्रज्ञा ठाकुर को भगवा कपड़ा ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। साध्वी की अपील के बाद प्रज्ञा ठाकुर तुरंत मान गईं।

भोपाल में अब 30 उम्मीदवार
नाम वापसी के आखिरी दिन पांच प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। अब 30 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए गए हैं। जिन प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए हैं उनमें इसमें एजाज सिद्दिकी, पवन कुमार तिवारी, प्रज्ञा ठाकुर, प्रो. डॉ.काजी एस.रेहमान और सज्जन सिंह शेखावत हैं।


16 साल बाद चुनाव लड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह 2003 के बाद चुनाव लड़ रहे हैं। 2003 में उन्होंने राघौगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वहीं, प्रज्ञा सिंह ठाकुर पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं। हाल ही में साध्वी ने कहा था- राज्य में 16 साल पहले उमा दीदी ने हराया था और वह 16 साल मुंह नहीं उठा पाया, और राजनीति करने की कोशिश नहीं कर पाया। अब फिर से सिर उठा है तो दूसरी संन्यासी सामने आ गई है, जो उसके कर्मों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

Updated on:
27 Apr 2019 09:07 am
Published on:
27 Apr 2019 09:01 am
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