
भोपाल. सलामतपुर स्थित सांची विश्वविद्यालय को भोपाल में शिफ्ट कर सकता है। अटलबिहारी वाजपेयी हिंदी विवि के लिए बनाई जा रही बिल्डिंग में इसे शिफ्ट करने के उद्देश्य से शासन ने हिंदी विवि के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है, जिसमें पूछा गया है कि क्या सांची विवि को भी उनके भवन में शिफ्ट किया जा सकता है? हालांकि हिंदी विवि ने जवाब नहीं दिया है। सांची विश्वविद्यालय यदि भोपाल शिफ्ट होता है, तो भाजपा सरकार में वन मंत्री रहे डॉ. गौरीशंकर शेजवार को लगभग 84 लाख रुपए सालाना का नुकसान होगा।
दरअसल विश्व को शांति का संदेश देने और शांति पर शोध करने के लिए राजधानी के पास सलामतपुर में स्थापित की गई सांची यूनिवर्सिटी की आधारशिला श्रीलंका के राष्ट्रपति महेंद्रा राजपक्षे ने लगभग सात वर्ष पहले रखी थी। उसी समय प्रदेश सरकार ने सांची के पास ही विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 100 एकड़ जमीन आवंटित कर दी थी। साथ ही फंड भी आवंटित कर दिया था, लेकिन प्रदेश की पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान यूनिवर्सिटी के नाम पर एक ईंट भी नहीं रखी। तत्कालीन सरकार में वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के परिजनों से भवन किराए पर लेकर उसमें संाची विवि शुरू कर दिया गया। जिसका किराया ही सात लाख रुपए महीना है। विवि के किराए पर चलने के कारण न तो विदेशी अध्ययन केंद्र यहां स्थापित हो सके और न ही विदेश छात्र पढऩे के लिए आए।
50 एकड़ में तैयार हो रहा हिंदी विवि
हिंदी विवि 50 एकड़ में तैयार हो रहा है। कुलपति और रजिस्ट्रार के निवास, प्रशासनिक भवन, छात्रावास के चार ब्लॉक तैयार हो चुके हैं। 500 करोड़ के प्रोजेक्ट में शासन 50 करोड़ निर्माण एजेंसी को फ ंड भी दे चुकी है। वर्तमान में हिंदी विवि श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के निवनिर्मित भवन कोलार रोड पर संचालित हो रहा है।
शासन ने सांची विवि को हिंदी विवि के निर्माणाधीन भवन में संचालित करने की स्वीकृति मांगी है। इसका जवाब शासन को प्रस्तुत कर दिया गया है।
डॉ. बी. भारती, रजिस्ट्रार, हिंदी विश्वविद्यालय