भोपाल

स्कूल में बिखरी पड़ी थी साड़ियां, अचानक आ गए कलेक्टर, देखकर रह गए हैरान

स्कूल में जब अचानक कलेक्टर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए, स्कूल के अंदर क्लास में साड़ियां बिखरी पड़ी हुई थी, एक महिला टीचर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वहां मौजूद थी।
2 min read
• •
Jul 06, 2023
स्कूल में बिखरी पड़ी थी साड़ियां, अचानक आ गए कलेक्टर, देखकर रह गए हैरान
स्कूल में बिखरी पड़ी थी साड़ियां, अचानक आ गए कलेक्टर, देखकर रह गए हैरान

भोपाल. एक स्कूल में जब अचानक कलेक्टर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए, स्कूल के अंदर क्लास में साडिय़ां बिखरी पड़ी हुई थी, एक महिला टीचर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वहां मौजूद थी, जो साडिय़ां पसंद कर रही थी और साड़ी बेचने वाला एक के बाद एक साड़ी तरह-तरह की साडिय़ां दिखा रहा था, अचानक आए कलेक्टर को देखकर शिक्षिका और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के होंश उड़ गए।

सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरेगा जब उन्हें पढ़ाने वाली टीचर स्कूल के समय में साड़ी वाले को बुलाकर बनारसी साड़ी देखेंगी। ऐसा ही नजारा उस समय सामने आया जब कलेक्टर आशीष सिंह सूरज नगर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। यहां दसवीं और बारहवीं की क्लास चल रही थी, बच्चों की संख्या कम थी। यहां शिक्षिका वर्षा दुबे क्लास छोड़कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा जाटव क्लास में साड़ी देख रही थीं। इस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए प्राचार्य वन्दना उपाध्याय को शोकॉज नोटिस जारी कर वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। शिक्षिका वर्षा दुबे का एक दिन का वेतन काटा गया है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निलंबित किया है।

बच्चों के संबंध में कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा जाटव से जब आंगनबाड़ी में बच्चों की संख्या के बारे में पूछा तो उसने बताया कि यहां पर 80 बच्चे पंजीकृत हैं। कलेक्टर ने जब इन बच्चों के संबंध में रिकॉर्ड मांगा तो कार्यकर्ता कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए महिला बाल विभाग को कार्यकर्ता की सेवा समाप्त करने निर्देश दिए हैं।

एक जुलाई से स्कूल नहीं आए शिक्षक

इसके बाद कलेक्टर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रातीबड़ के निरीक्षण करने पहुंचे। शिक्षक हेमंत श्रीवास्तव 1 जुलाई से अनुपस्थित मिले, उनके द्वारा शैक्षणिक कार्य में भी कोई मदद नहीं दी जाती है। भृत्य विजय सिंह परिहार के बारे में जानकारी की तो वे भी कोई काम नहीं करते पाए गए। कलेक्टर ने दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। चपरासी मोहन वर्मा के बारे में पता चला कि ये भी असहयोग करते हैं तो इनका भी एक दिन का वेतन काटा गया है। प्राचार्य शशि सिंह द्वारा प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने पर इनकी वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।

प्राचार्य ही गायब मिलीं
कोटरा सुल्तानाबाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान स्कूल में कोई जिम्मेदार नहीं मिला। 2 शिक्षक अवकाश पर बताए गए, 3 किसी अन्य कार्य में गए हुए थे। वहीं प्राचार्य रंजना सक्सेना भी बिना सूचना गायब थीं। इस पर लापरवाहों का एक दिन का वेतन और वेतन वृद्धि रोकने के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।

यह भी पढ़ें :

Updated on:
06 Jul 2023 10:10 am
Published on:
06 Jul 2023 10:10 am