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21 साल बाद MP में फिर दौड़ेगी ‘अपनी बस’, पत्रिका का अभियान धरातल पर, 351 बसों से शुरुआत

MP Public Transport-मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा आज से, पत्रिका के लगातार अभियान चलाने के बाद सरकार पहले चरण में आज से शुरू कर रही है 7 शहरों के लिए बस सेवा...।
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भोपाल

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Manish Gite

•

Sep 25, 2026

MP Public Transport

MP Public Transport- पत्रिका के लगातार अभियान चलाने का असर, 21 साल बाद सरकार को दोबारा से परिवहन सेवा शुरू करना पड़ा। (फोटो अजय शर्मा)

MP Public Transport- मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर सार्वजनिक बसें लोगों को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाएगी। 2005 में तत्कालीन सीएम बाबूलाल गौर के कार्यकाल में बंद सड़क परिवहन निगम (सपनि) के बाद अब लोगों को 'अपनी बस' मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा की शुरुआत करेंगे। वे भोपाल में भेल दशहरा मैदान से 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

बसों का संचालन पीपीपी मोड पर होगा, लेकिन इस पर सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा। इन बसों में लोग सुगम, सुरक्षित, मॉडर्न और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ यात्रा कर सकेंगे। इससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक इस सेवा का विस्तार होगा।

पत्रिका की मुहिम साकार होने जा रही है

इस शुरुआत के साथ ही पत्रिका की मुहिम जमीन पर साकार हो जाएगी। पत्रिका ने लोक परिवहन फिर से शुरू करने के लिए अभियान चलाया था। इसके बाद सीएम डॉ. यादव ने ऐलान किया। 1 अप्रेल 2025 को कैबिनेट ने मुहर लगाई। अब सौगात मिल रही है।

स्थानीय नेताओं की नाराजगी के बाद दोबारा छपे कार्ड

सुगम परिवहन सेवा एंव पीएम-ई बस सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर कार्ड को दोबारा छपवाना पड़ा। दरअसल, पहले छपे कार्ड में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नाम नहीं थे। नेताओं की नाराजगी के बाद नए कार्ड छपवाए गए। इसमें सीएम, केंद्रीय परिवहन मंत्री के साथ सभी नेताओं के नाम लिखे गए। इधर-बस संचालन के लिए कंपनी ने ओरिजिन-डेस्टिनेशन और ट्रैफिक सर्वे के आधार पर रूट तय किए हैं।

पहले चरण में 7 शहरों में 351 बसों से शुभारंभ

योजना के पहले चरण में 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 ब

सें चलेंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी रूट पर दौड़ेगी। भोपाल से 106 बसें (23 इंटरसिटी-83 इंट्रासिटी), जबलपुर के लिए 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें दौड़ेंगी।

3-पीपीपी मॉडल.. ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्न सुविधाएं

बसों का संचालन पप्बिलक- प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होगा। इसके लिए अलग- अलग एजेंसियों से 3 सेवाओं और सुविधाओं के विकास के लिए अनुबंध किए हैं। पहला- निजी ऑपरेटरों से अनुबंध किया। दूसरा, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए अनुबंध किया है। इसके तहत बसों की लाइव लोकेशन, स्पीड, ड्राइविंग ट्रेनिंग आदि शामिल है। तीसरे मॉडल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए अनुबंध है। इसके तहत बस टर्मिनल, डिपो, बस स्टॉप और सड़क किनारे सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।

सरकार की त्रिस्तरीय निगरानी

बसों के सुगम संचालन के लिए सरकार ने राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है। यह रणनीति और नीति तय करेगी। निगरानी करेगी। इसके अधीन 7 क्षेत्रीय कंपनियां इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन और सागर में बनाई गई हैं। इसके साथ ही कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति भी बनाई है। यह जमीनी निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के तहत हर साल बढ़ाई जाएंगी 2,500 से 3,000 बसें।

ऐसी सुविधाएं-सुरक्षा

इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से बसों का संचालन, लोकेशन, टाइमिंग की रियल टाइम निगरानी होगी।
मप्र यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर बनाए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे।
इमरजेंसी में तुरंत सहायता देने के लिए पैनिक बटन।
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से बस की लाइव लोकेशन।
यात्रियों को बस संचालन एवं यात्रा से जुड़ी जानकारी देने पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम।