
Twisha Sharma Case: भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह कोर्ट ने 14 दिन ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। सीबीआई ने अब इस मामले के हर पहलु की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को गिरिबाला सिंह के घर में 12 मई के रात का सीन रीक्रिएट कराया गया जिससे हादसे समय की वास्तविकता का पता लगाया जा सके। अब इस सीन रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया की रिपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
बताया जा रहा है की सीबीआई ने सीन रिक्रिएशन का डाटा दिल्ली सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) को भेज दिया है। सीन रिक्रिएशन की डिटेल्ड रिपोर्ट दिल्ली CFSL तैयार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को यह रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मिलो जाएगी। यह रिपोर्ट ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस रिपोर्ट से ही समझ में आएगा कि एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या है कि हत्या।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि ट्विशा शर्मा जिस फांसी के फंदे पर लटकी मिली, उसे एक पुलिसकर्मी दो दिन तक अपनी कार में लेकर घूम रहे थे। इसी लिगेचर बेल्ट नहीं मिलने पर ट्विशा के परिजनों ने हत्या का संदेह जताया था। बताया जा रहा है कि लिगेचर बेल्ट (फंदे) को पुलिसकर्मी ने पोस्टमार्टम के वक्त भोपाल एम्स अस्पताल (Bhopal AIIMS) में जमा नहीं कराया था। घटना वाली रात यानी 12 मई को इस पुलिसकर्मी की नाइट ड्यूटी ड्यूटी लगी थी। जब इसे लेकर हड़कंप मचा तब आनन-फानन में इसे फोरेंसिक लैब भेजा गया था।
सीबीआई ने सोमवार को घटना के 20 दिन बाद पीड़िता के घर पर क्राइम सीन का डिटेल्ड रीक्रिएशन किया। दिल्ली से आई एक स्पेशल फोरेंसिक टीम समेत दस मेंबर वाली CBI टीम ने ट्विशा के बॉडी वेट से मैच करती 80 किलो की डमी का इस्तेमाल करके घटनाओं का सीक्वेंस रीक्रिएट करने में करीब साढ़े तीन घंटे लगाए। इस दौरान सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के घर के घरेलू हेल्पर और समर्थ के चचेर भाई स्वराज सिंह (Swaraj Singh) को भी सीन रिक्रिएशन की प्रक्रिया और पूछताछ के लिए बुलाया था। उनसे घटना वाली रात को अपने एक्शन दिखाने के लिए कहा गया। फोरेंसिक एनालिसिस के लिए पूरी एक्सरसाइज की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई।