school education: 6500 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता अधर, शहर के 161 प्राइवेट स्कूल, पुराने शहर से सबसे ज्यादा...>
school education: प्राइवेट स्कूल के साढ़े तीन लाख स्टूडेंट्स की school education खतरे में हैं। ये बच्चे करीब 6500 स्कूलों में दर्ज हैं। स्कूलों की मान्यता 31 मार्च को खत्म हो रही है। नवीनीकरण के लिए इन्होंने आवेदन नहीं किया। ऐसे में नए सत्र में संचालन अवैध हो जाएगा।
कक्षा एक से आठ तक संचालित प्राइवेट स्कूलों को राज्य शिक्षा केन्द्र से मान्यता दी जाती है। मान्यता नवीनीकरण के लिए स्कूलों के पास 15 फरवरी तक अंतिम मौका था। इस दौरान प्रदेश के बीस हजार स्कूलों ने नवीनीकरण कराया। साढ़े छह हजार अब भी ऐसे हैं जिन्होंने आवेदन नहीं किया।
भोपाल से 161 स्कूल इस सूची में हैं। इनमें में भी सबसे ज्यादा पुराने शहर से हैं। यहां के 70 स्कूलों ने आवेदन नहीं दिया। इसके बाद बैरसिया, नया शहर और फंदा के स्कूल हैं। दर्ज बच्चों की संख्या करीब बीस हजार बताई गई
प्राइवेट स्कूलों की मान्यता नियमों में इस साल संशोधन हुआ। किराएनामा अनिवार्य हो गया। स्कूल एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। लेकिन विभाग न तो नियम बदले और न ही तारीख बढ़ाने कोई निर्णय लिया। िस्थति यही रही तो बच्चों को मुसीबत होगी।
राज्य शिक्षा केन्द्र (rajya shiksha kendra) में ग्वालियर के 228 प्राइवेट स्कूलों ने मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया। तो वहीं इंदौर से 219 स्कूल हैं। उज्जैन से 182 स्कूलों ने मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया। जबलपुर के 124 स्कूल इसमें शामिल हैं।
राज्य शिक्षा केन्द्र के आंकड़ों के मुताबिक
मान्यता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र आदेश जारी करता है। बिना मान्यता लिए अगर कोई स्कूल संचालित होता है तो नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
ओपी शर्मा, जिला परियोजना समन्वय
नए नियमों के तहत जो दस्तावेज मांगें जा रहे वे कई स्कूलों पास नहीं। ऐसे में जमा कैसे कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा पर इसका विपरीत असर होगा। मामले में शिक्षा मंत्री को शिकायत करेंगे।
अजीत सिंह, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन