
MP Weather : एमपी के विंध्य और शहडोल संभाग में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी और सेमरावल नदियों में आई भयावह बाढ़ के पानी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। मंदाकिनी का जलस्तर घटने के बाद तबाही का मंजर सामने आया, जिसमें कई भवन धराशायी हो गए और गलियां कीचड़ से भर गईं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का जायजा लिया। वे रामधाम मोहल्ले में कीचड़ से भरे रास्तों पर पैदल चलकर पीडि़तों के घर पहुंचे। उन्हें सांत्वना दी। सीएम ने प्रभावितों को कपड़े और राशन दिया। सतना में अगले 48 घंटे भारी पड़ सकते हैं। इस बीच सतना और रीवा में 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। मैहर में भी आज स्कूल बंद हैं।
बाढ़ प्रभावित सतना में सीएम मोहन यादव ने अफसरों को घर-घर जाकर सर्वे कर तुरंत भरपाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को तीन दिन तक चित्रकूट में ही कैंप करने को कहा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि अतिवृष्टि के साथ-साथ अनावश्यक अतिक्रमण भी बाढ़ का कारण है। इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने कहा कि यहां विकास तो हो, लेकिन आस्था के अनुरूप निर्माण होने चाहिए।
इस बीच शहडोल जिले में बाणसागर बांध के रविवार को 6 गेट खोले गए। सीधी प्रशासन ने सोन नदी के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। गुलाबसागर बांध के 3 गेट खोलने से महान नदी उफान पर आ गई। नतीजतन पुल जलमग्न होने से खड्डी-परसिली मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया। शहडोल में भी कुनुक और भैंसुल नदियों के उफान पर होने से छत्तीसगढ़ व स्थानीय ग्रामीण संपर्क मार्ग ठप हो गए हैं।
मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ है। देर रात तक कई जिलों में बारिश का दौर चला। बाढ़ प्रभावित सतना जिले में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। मैहर में भी सोमवार को स्कूलों में छुट्टी रखी गई है। इधर रीवा में भी भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूलों में 1 सितंबर तक छुट्टी घोषित कर दी गई है।