
भोपाल. इस साल के मुकाबले आने वाले साल 2020 में विवाह के मुहूर्त काफी कम रहेंगे। इस बार पूरे साल में विवाह के जितने भी मुहूर्त थे, उससे अगले साल विवाह मुहूर्त लगभग आधे रहेंगे। वर्ष 2019 में पूरे साल में 90 से अधिक लग्न मुहूर्त थे, जबकि 2020 में मुहूर्तों की संख्या 50 के आंकड़े को भी नहीं छू पा रही है। मुहूर्त का टोटा होने से पंडितों व्यस्त रहेंगे। टैंट, हलवाई, मैरिज गार्डन, बैंड-बाजा, घोड़ी जैसी आदि व्यवस्थाओं के लिए भी मशक्कत करनी पड़ेगी।
देवउठनी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। देवउठनी के अबूझ मुहूर्त पर तुलसी विवाह के साथ-साथ विवाह समारोह भी होंगे। इस साल नवम्बर और दिसम्बर में विवाह के 13 मुहूर्त है। इसके बाद अगले साल से विवाह मुहूर्तों की शुरुआत हो पाएगी। अगले साल मई माह में सर्वाधिक 11 दिन और फरवरी माह में 10 दिन मुहूर्त रहेंगे, जबकि जून माह में सिर्फ 4 दिन मुहूर्त रहेंगे। जुलाई की शुरुआत से ही देवशयन होने के कारण जुलाई में भी एक भी लग्न मुहूर्त नहीं रहेगा।
खरमास के कारण दो बार लगेगा विराम
खरमास के कारण 14 दिसम्बर से 15 जनवरी तक और 15 मार्च से 16 अप्रैल तक खरमास होने के कारण विवाह मुहूर्तों पर विराम लगा रहेगा। पंडितों के अनुसार 14 दिसम्बर से 15 जनवरी तक धनु राशि का सूर्य होने के कारण और 15 मार्च से 16 अप्रैल तक मीन राशि का सूर्य होने के कारण मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। यह खरमास की श्रेणी में आता है।
जुलाई से नवम्बर तक चातुर्मास के कारण विवाह नहीं
नवम्बर- 30
दिसम्बर- 7, 9, 11