अपने शहर आए बॉलीवुड एक्टर शरत सक्सेना...। अरेरा कॉलोनी की बैंक से निकलते हुए दिखे...।
अजय शर्मा
भोपाल। टीवी से लेकर बॉलीवुड फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले शरत सक्सेना (sharat saxena) को अपने बीच पाकर राजधानी के लोग बेहद खुश हो गए। वे शुक्रवार को अचानक ही अरेरा कॉलोनी में लोगों के बीच में पहुंचे गए थे। 72 साल की उम्र में भी युवाओं जैसी पर्सनालिटी और बॉडी बनाने वाले शरत सक्सेना ने लोगों के साथ खूब सेल्फी खिंचाई और परिवार के साथ चले गए।
दरअसल, शुक्रवार को सुबह बॉलीवुड एक्टर ई-1 अरोरा कॉलोनी स्थित एक निजी बैंक आए थे। अचानक आम ग्राहकों की तरह वे भी बैंक पहुंचे तो कोई कर्मचारी उन्हें पहचान नहीं पाया। वे बैंक से निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़े तो वाहर मौजूद कुछ लोगों ने उनकी बॉडी और पर्सनालिटी को देख उन्हें पहचान लिया।
फैंस के साथ ली सेल्फी
शरत सक्सेना को लोगों ने घेर लिया। यह देख बैंक के भीतर के कर्मचारी भी बाहर आ गए। फोटो खिंचाने का आग्रह किया तो वे फैंस का आग्रह टाल नहीं सके। उन्होंने भी सभी लोगों के साथ सेल्फी खिंचाई। कुछ फैंस इतने खुश हो गए कि उनके पैर तक पड़ने लगे थे। लोगों ने पत्रिका से कहा कि वे दिलचस्प व्यक्ति हैं, 72 साल की उम्र में भी 50 की उम्र के लगते हैं।
जानिए शरत सक्सेना को
निगेटिव किरदार के अलावा कॉमेडी फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाने वाले शरत सक्सेना 72 साल के हैं। 17 अगस्त 1950 को मध्यप्रदेश के सतना में इनका जन्म हुआ था। भोपाल के सेंट जोसफ कान्वेंट हाई स्कूल (St. Joseph's Convent Sr. Sec. Girl's School) से इन्होंने पढ़ाई की। इसके बाद जबलपुर से इलेक्ट्रानिक्स और कम्यूनिकेशन में इंजीनियरिंग भी की। बचपन से फिल्मों के शौक के कारण वे 1972 में मुंबई गए। शरत सक्सेना की शादी शोभा सक्सेना से हुई है। उनके दो बच्चे वीरा और विशाल हैं। वह अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। भोपाल में इनके माता-पिता ई-4 अरोरा कालोनी में रहते हैं।
ऐसे शुरू हुआ फिल्मी सफर
शरत सक्सेना के परिवार का कोई भी सदस्य फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं था। इस कारण उन्हें काफी संघर्ष भी करना पड़ा। वर्ष 1974 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म बेनाम में उन्हें काम करने का मौक मिला, जिसमें सपोर्टिंग एक्टर की भूमिका में उनके काम को सराहा गया। 1977 में फिल्म 'एजेंट विनोद' में भी अपनी छाप छोड़ी। इसके बाद काला पत्थर, तराना, शान, शक्ति, पुकार, दीवाना मैं दीवाना, बुलेट राजा, बागबान, प्यार के साइड इफेक्ट्स, फिर हेराफेरी, वह लाइफ हो ऐसी, तुमको ना भूल पाएंगे, मां तुझे सलाम, जोश, गुलाम, गुप्त, त्रिदेव समेत तमिल, तेलुगू, मलयालम और पंजाबी भाषा में भी नजर आए। फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के डागा को लोग आज भी याद करते हैं।