भोपाल

“ऐसे भड़कते हैं जैसे कोई बैल को लाल कपड़ा दिखा देता है” शिवराज सिंह चौहान का गुस्से भरा बयान

Shivraj Singh Chouhan : शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस के लिए कही तीखी बात, खड़गे के बयान के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिया बयान
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Updated: 27 Oct 2026, 2:55 PM IST
shivraj singh chouhan
शिवराज सिंह चौहान (फोटो सोर्स- ANI)

Shivraj Singh Chouhan : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में दिए गए विवादास्पद बयान का विरोध जारी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बयान के लिए एक बार पुन: कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है। उसे कुछ सूझ ही नहीं रहा। मोदी जी के विरोध में कांग्रेस Fear और Frustration की शिकार हो गई है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मोदीजी का नाम लेते ही ऐसे भड़कते हैं जैसे कोई लाल कपड़ा बैल को दिखा देता है"।

एक दिन पहले भी शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था:

मन बहुत व्यथित है। मल्लिकार्जुन खड़गे जी जैसे वरिष्ठ नेता से अपेक्षा थी कि वे मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करेंगे। प्रधानमंत्री जी के पूज्य पिताजी के बारे में ऐसी अमर्यादित भाषा भारतीय सभ्यता, संस्कृति, संस्कार, जीवन मूल्यों और शालीनता के खिलाफ है।

ऐसा लगता है कि पराजित होते-होते कांग्रेस इतनी बौखला गई है कि अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है। मैं सोनिया गांधी जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या खड़गे जी ने गांधी परिवार के इशारे पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया? यदि नहीं, तो क्या कांग्रेस उनसे इस्तीफा लेगी?

मोदी जी करोड़ों-करोड़ जनता के हृदय के हार हैं। उनका और उनके परिवार का अपमान देश सहन नहीं करेगा। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या ऐसी अमर्यादित भाषा राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप है?

मंगलवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने एक्स हेंडल पर वीडियो जारी कर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा:

कांग्रेस की सोचने की समझने की और सुनने की क्षमता ही समाप्त हो गई है। आश्चर्य है कि उनके कार्यकर्ता ने कहा कु्छ और सुना कुछ। मोदीजी की लोकप्रियता के कारण यह बौखलाहट है कि उनका नाम सुनते ही ऐसे भड़कते हैं जैसे कोई लाल कपड़ा बैल को दिखा देता है। जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया ये कांग्रेस के पतन की पराकाष्ठा है और कफन में अंतिम कील है। मर्यादाओं को तार तार कर दिया। शिष्टाचार को पैरों तले कुचल दिया। जो पार्टी इतनी कनफ़्यूज हो कि अपने ही कार्यकर्ता को पीट दे, क्या वो देश चलाने की योग्यता रखती है!

Updated on:
27 Oct 2026, 2:55 PM IST
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