Shivraj singh chouhan- केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा-रायसेन, भोपाल, विदिशा, सीहोर का 'कृषि रोडमैप' देशभर में होगा लागू,
Shivraj Singh Chouhan - एमपी के किसानों को हर साल 2 लाख रुपए का लाभ दिलाने के लिए खास योजना बनाई गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह ऐलान किया। रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश के 4 जिलों के लिए 'कृषि रोडमैप' तैयार किया गया है। इसे देशभर में लागू किया जाएगा। 'कृषि रोडमैप' के अंतर्गत छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसमें तकनीक के इस्तेमाल से किसान एक एकड़ में 2 लाख रुपए तक की कमाई कर सकेंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सीएम मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। यहां किसानों के लिए भोपाल के वैज्ञानिकों के बनाए मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया गया।
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अहम घोषणा। उन्होंने देशभर में सैनिकों के शक्ति संवर्धन के लिए उन्हें सिर्फ जैविक फल-सब्जियां व श्री अन्न देेने का ऐलान किया। सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में किसानों के हित में चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मप्र को 55 दाल मिलों की सौगात दी। उन्होंने किसानों की आय में इजाफा करने पर जोर दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कुर्सी पर बैठने का अर्थ तब सार्थक है, जब किसानों की तकदीर और कृषि की दिशा बदल सकें। उन्होंने देश और प्रदेश के छोटे किसानों के हित में अहम योजना का ऐलान किया।
कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार राज्यों की जलवायु के अनुसार कृषि रोडमैप बना रही है। मप्र के 4 जिलों के किसानों के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। प्रदेश के रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास जिलों के लिए बनाया गया यह रोडमैप पूरे देश में लागू होगा। इसमें बेहतर तकनीक के इस्तेमाल से अब छोटे किसान भी 1-2 एकड़ में सालाना 2 लाख तक कमा सकेंगे। इसकी घोषणा महोत्सव के दूसरे दिन होगी।
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्नत कृषि महोत्सव में ई-फार्म ऐप का लोकार्पण किया। भोपाल के वैज्ञानिकों के बनाए इस मोबाइल ऐप से किसानों को खासी सुविधा होगी। उन्हें सेकंडों में ही अपने खेत की मिट्टी की सेहत व जरूरतों की जानकारी मिलेगी।
हॉर्टिकल्चर हब और दाल मिल: रायसेन 'उद्यानिकी हब' बनेगा। मप्र में 55 नई दाल मिलें खोलने जा रहा।
बासमती निर्यात: 47 देशों तक पहुंचा रायसेन का चावल, यह किसानों की मेहनत का प्रमाण।
युवाओं से आह्वान: आप किसी भी क्षेत्र में हो, तकनीक और स्मार्ट फार्मिंग के जरिए कृषि से जरूर जुड़ेें।
सिंचाई- बिजली: प्रदेश में किसानों को दिन में भी बिजली, इससे खेती की लागत घटी।