
Shivraj Singh Grand Daughter Name: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय पिता बन गए। दादा शिवराज सिंह चौहान ने जब वीडियो शेयर कर ये खबर दी, तो सोशल मीडिया यूजर्स की खुशी से चहेरे भी खिले दिखे। सभी की ओर से बधाइयों का तांता लग गया कि उनके घर लाड़ली लक्ष्मी आई है।
कार्तिकेय और अमानत की बेटी के जन्म की खुशियां कार्तिकेय के चेहरे पर साफ नजर आई…जैसे पहली संतान के जन्म पर हर पिता महसूस करता है… जैसे सारी दुनिया की खुशियां उन्हें मिल गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ये खुशी आप भी देख सकते हैं।
वीडियो में कार्तिकेय अपनी बेटी को गोद में लिए उसे निहार रहे हैं। तो दादी साधना सिंह और दादा शिवराज की खुशियां भी आसमान पर हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार की रात अपने X अकाउंट पर अपनी पोती से जुड़ा एक भावुक वीडियो शेयर किया। उस पोस्ट में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि, 'हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता बन गए और अमानत मां। कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा। कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची। अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा बन गए हैं। 2025 में हमारे घर दो बेटियां आईं- अमानत और ऋद्धि। 2026 में फिर बेटी इला (ILA Name Meaning in Hindi) का शुभ आगमन हुआ। आगे उन्होंने लिखा 'स्वागतम लक्ष्मी।' जीहां आपने सही पढ़ा 'इला'। शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोती का नाम इला रखा है।
जिसका अर्थ मुख्य रूप से पृथ्वी, वाणी और उर्वरता की देवी से जुड़ा है, जो वैदिक साहित्य में 'इदा' के रूप में भी जानी जाती हैं और सरस्वती तथा भारती के साथ पूजी जाती हैं। पुराणों के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की पुत्री और बुध देवता की पत्नी हैं, जिनसे पुरूरवा का जन्म हुआ था। आसान शब्दों में कहना होगा कि इला का संबंध शक्ति, पवित्रता और सुंदरता से है। संस्कृत के अलावा यह नाम हिब्रू, और फिनिश जैसी विभिन्न भाषाओं से जुड़ा है, जहां इस शब्द को शक्ति, सहनशक्ति और आनंद का प्रतीक माना जाता है।
कृषि मंत्री ने बताया कि 'इला' का अर्थ धरती या पृथ्वी होता है। वह धरती जो सबको जीवन देती है, सबका पालन-पोषण करती है और बिना भेदभाव सबको आश्रय देती है। उन्होंने कहा कि जैसे पृथ्वी सभी का ध्यान रखती है, वैसे ही वे कामना करते हैं कि उनकी पोती इला भी उद्देश्यपूर्ण, करुणामय और सार्थक जीवन जिए। इस अवसर पर लगाए गए वट वृक्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह वृक्ष पक्षियों, जीव-जंतुओं और कीट-पतंगों को जीवन देता है, ठीक वैसे ही जैसे धरती सभी का सहारा बनती है।