
Chambal ki Dusri Kahani Episode - 1- मलखान सिंह- बगावत, आत्मसमर्पण से लेकर वर्तमान की कहानी, क्राइम के बदलते स्वरूप पर सीधा प्रहार (patrika Creation)
Chambal Dakait: ग्वालियर-चंबल के बीहड़ों में शाम ढलते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाया करते थे… कभी जिनके नाम लेते ही सन्नाटा छा जाता था... आज वही नाम गांव की चौपालों में विकास की बातों से पहचाने जा रहे हैं। जिन हाथों में कभी बंदूकें थीं और अन्याय-अत्याचार के खिलाफ जागे आक्रोश से आंखों का रंग लाल था, आज वो आंखें मतपेटी में बंद विजेता के भाग्य का सपना संजो रही हैं, समाज में बड़े बदलाव की बाट जोह रही हैं।
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