Shivraj Singh Chouhan: एमपी के पूर्व सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा'
Shivraj Singh Chouhan: मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन अपने पुराने अंदाज ने नजर आए। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की बोलती बंद कर दी। उन्होंने टीएमसी सांसद को जवाब देते हुए कहा कि बंगाल में फंड का दुरुपयोग किया जाता है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मानसून संसद सत्र के सातवें दिन कहा कि कि केंद्र सरकार की यह मैनेडेटरी ड्यूटी है कि मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का काम उपलब्ध करवाए। यह कोई च्वाइस नहीं, इसे करना ही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को 100 दिनों का काम नहीं दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का काम नहीं दिया जा रहा है।
टीएमसी सांसद ने सवाल उठाया था कि पश्चिम बंगाल में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का काम नहीं दिया जा रहा है। जिसपर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दें, लेकिन जरूरी नहीं है, यह मांगने पर है। कई परिवार ऐसे हैं, जो 50 दिन का रोजगार मांगते हैं। कोई 60 दिन का रोजगार मांगता है। जितने दिन जो रोजगार मांगता है, उसे उतने दिन का ही मिलता है। जरूरत पड़ने पर उस प्रावधान को और बढ़ाया जाएगा। आगे शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार गाइडलाइन के विपरीत जाकर फंड को डायवर्ट कर रही है। कई योजनाओं तक के नाम बदल दिए गए। यह सरकारें अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है। इसलिए इनका पैसा रोका गया है। ये फालतू का पैसा नहीं है। यह पैसा मजदूरों के लिए है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक स्वर्गीय प्रधानमंत्री कहते थे कि एक रुपया भेजता हूं, लेकिन 15 पैसे पहुंचते हैं। नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने कहा कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा। अगर इस योजना का कोई दुरुपयोग कर रह है तो वह अनियमिता कर रहा है। गाइडलाइन के बाहर जाकर फंड को डायवर्ट कर रहा है। योजना का नाम बदल दिया जा रहा है। तो ऐसे मामले में हम जनता के पैसे को खाने नहीं देंगे।
बता दें कि, शिवराज सिंह चौहान 5 बार विदिशा से सांसद रहे हैं। उन्होंने 1991,1996,1998,1999,2004 में चुनाव जीता। इसके बाद वह मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। साल 2024 में पार्टी ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा और रिकार्ड तोड़ मतों से विदिशा लोकसभा से सांसद बने। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार की कैबिनेट में जगह दी गई।