
Silica In MP : मध्यप्रदेश में सिलिका सेंड का पर्याप्त भंडार है जिससे वह सेमीकंडक्टर का हब बन सकता है। जानकारों का कहना है कि चिप निर्माण के लिए अत्यधिक उच्च गुणवत्ता वाले सिलिकान को निकालने वाली सिलिका सेंड देश के जिन 10 राज्यों में मौजूद है उनमें एमपी भी शामिल है। मध्यप्रदेश में इसके पर्याप्त भंडार होने के संकेत हैं। यहां के झाबुआ और छतरपुर जिलों में सिलिका रेत है। सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता का सपना पूरा करने के लिए एमपी में तेजी से काम किया जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो एमपी की दम पर चिप निर्माण में चीन को पछाड़ा जा सकता है। चिप निर्माण और इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली में जापान, कोरिया, अमरीकी कंपनियों से चर्चा की। उन्हें बताया कि मप्र में निवेश के अनुकूल वातावरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की जापान, कोरिया, स्वीडन और अमरीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने मप्र में इस क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। खासतौर पर सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में एक बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
सीएम ने कहा, प्रदेश सरकार उद्योगों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पारस, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिन्टोनिक्स एआइ, एनएक्सपी इंडिया, मार्वल, एल एंड टी और स्वदेश आइसी सेमीकंडक्टर्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। सीएम ने कहा, प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिटन एरिया में विशाल लैंड बैंक और इसकी व्यापक संभावनाएं हैं।
इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप के प्रतिनिधियों से भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की। इनमें जापान की एक्रेटेक, केनन और कैइजो, कोरिया की हनवा और जेनसेम इंक तथा अमरीका की मेकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। जापानी प्रतिनिधिमंडल में आकसाईड कार्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई। सीएम ने मोहाली चिप डिजाइनिंग पेवेलियन और स्वीडिश पेवेलियन का भी अवलोकन किया। साथ ही मप्र में इस सेक्टर में संभावनाओं को भी बताया।
मध्यप्रदेश में सिलिका रेत के भंडार हैं। एमपी के झाबुआ व छतरपुर में सिलिका सेंड की संभावनाएं बताई जा रही हैं। राज्य में सेमी कंडक्टर सेक्टर में 6200 करोड़ की परियोजना घोषित है, आइटी पार्क भी बन रहा है। दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन-इंडिया 2026 आयोजन में देश-विदेश के सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी हस्तियों की चर्चा हुई। विशेषज्ञों व सहभागियों से बातचीत में सामने आया कि भारत में चिप निर्माण व सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर होने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में चिप के लिए जरूरी कच्चे माल सिलिका सेंड के तेजी से दोहन व प्रोसेस करने की जरूरत है। फिलहाल चिप के कच्चे माल के लिए भारत विदेशों से आयात पर निर्भर है।