भोपाल

गैस त्रासदी की जहरीली जमीन में दफन है 250 पर्चियां, 30 साल बाद भी चीख-चीख के कर रही ये मांग

MP News: भोपाल गैस त्रासदी यानी यूनियन कार्बाइड की जहरीली जमीन में 250 से ज्यादा पर्चियां दफन हैं। हर पर्ची हादसे में मृत लोगों के दर्द और उनकी 30 साल पुरानी मांग का सबूत है।

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Aug 31, 2025
slips buried in Union Carbide toxic land demands memorial (Patrika.com)

Bhopal gas tragedy:भोपाल में यूनियन यूनियन कार्बाइड (Union Carbide) की जमीन के नीचे केवल जहरीले रसायन ही नहीं बल्कि 200 से 250 पर्चियां भी दफन है। इन पर्चियों पर उन लोगों के नाम लिखे हैं जिन्होंने गैस हादसे में जान गंवाई। करीब तीस साल पहले इनके परिजनों ने इस उम्मीद के साथ इन पर्चियों को यहां दफन किया ताकि भोपाल का एक स्मारक बने।

दाग मिटे और यहां उनकी स्मृति में दुनिया दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी शहर में घटी थी। तब से लेकर अब तक जिस स्थान से जहरीली गैस निकली वह स्थान हादसे के याद दिलाने के लिए स्मारक बने इसकी मांग वर्षों पुरानी है। इसके लिए दर्जन भर संगठन काम कर रहे है। इसमें दस से ज्यादा पदाधिकारी अब दुनिया में नहीं हैं। इनमें से अब्दुल जब्बार को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। (mp news)

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पर्चियां दिलाती हैं याद

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की रईसा बी के मुताबिक जहर से शहर को आजाद करने का संघर्ष जारी है। 1994-95 में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में गैस पीड़ितों के परिवार के सदस्य जमा हुए थे। करीब दो सौ से ढाई सौ लोगों के नाम कागज पर लिख जमीन में गाड़े गए थे। ये वे लोग थे जिनकी हादसे में मौत हो गई थी। रईसा बी उन लोगों में से हैं जिन्होंने भोपाल से दिल्ली तक गैस कांड की आवाज उठाई। (mp news)

एक्टिविस्ट की मांग, जमीन की जांच हो

एक्टिविस्ट मोहम्मद माहिर के मुताबिक कुछ भी करने से पहले जमीन के नीचे की जांच जरूरी है। इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो। इसके बाद पर्यावरण के हित में काम किया जाए।

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Published on:
31 Aug 2025 09:38 am
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