
Bhopal news: एमपी के भोपाल शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 साल पहले लांच की गई स्मार्ट रेंट बाइक सर्विस फिर शुरू होगी। हालांकि इस पर संशय है क्योंकि एक तो ट्रैक पूरी तरह टूट चुका है, वहीं दूसरी ओर इस पर अतिक्रमण भी हो चुका है। बहरहाल आइएसबीटी में चार्टर्ड कंपनी के स्टोर में रखी हुई इन साइकिलों को इस बार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर संचालित किया जाएगा। सबसे पहले नर्मदापुरम साइकिल ट्रैक के स्टैंड रीडिवेलप कर यहां पायलट प्रोजेक्ट के तहत साइकिलों को पहले की तरह किराए पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्मार्ट सिटी कंपनी एवं नगर निगम को मिलकर पीपीपी मोड पर साइकिल प्रोजेक्ट लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय की वर्ष 2017 में यह प्रोजेक्ट लागू हुआ था। चार्टर्ड कंपनी द्वारा मेंटेनेंस नहीं करने के चलते प्रोजेक्ट ठीक से संचालित नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते स्मार्ट सिटी कंपनी ने एग्रीमेंट समाप्त कर दिया था।
-मिसरोद से आरआरएल तिराहे तक
-पॉलिटेक्निक चौराहे से बोट क्लब
-बोर्ड ऑफिस से अरेरा हिल्स
-बोर्ड ऑफिस से लिंक रोड नंबर 1
-7 नंबर स्टॉप से लिंक रोड नंबर 2
-शाहपुरा पार्क के पास
-प्रेमपुरा घाट से वन विहार एरिया
-लालघाटी से बैरागढ़
बाइक शेयरिंग योजना कुल 2.94 करोड़ रुपए की है। चार्टर्ड और जर्मनी की केएफडब्ल्यू कंपनी 500 स्मार्ट पैडल बाइक नगर निगम के साथ संयुक्त अनुबंध के तहत किराए पर चला रही थी। चार्टर्ड को पीपीपी मोड पर काम करने तैयार किया जा रहा है। नागरिकों के लिए ऑनलाइन ऐप से बुकिंग, भुगतान एवं स्टेंड पर बाइक जमा करने जैसे प्रावधान किए जाएंगे।
लंबे समय से ट्रैक पर गतिविधि नहीं होने के चलते शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट, संचालकों ने अतिक्रमण कर लिया है। नर्मदापुरम रोड पर वृंदावन ढाबा के आसपास बाकायदा ट्रैक पर ही पार्किंग बना दी गई है। निगम ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं।